यहां पब में लड़कियों के साथ किया जा रहा घिनौना काम, सुबह होने पर उन्हें कुछ याद भी नहीं रहता

Published : Oct 25, 2021, 01:01 PM ISTUpdated : Oct 25, 2021, 02:13 PM IST

स्कॉटलैंड (Scotland). रात के वक्त सुनसान सड़कों, कॉलेज और पब सहित कई जगहों पर लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। कभी किडनैपिंग या नशीली दवा का इस्तेमाल करके क्राइम किया जाता है, लेकिन सोचिए ऐसा क्राइम हो, जिसमें लड़की को बिना टच किए उसे बेहोश कर दिया जाए। स्कॉटलैंड में कई लड़कियों के साथ ऐसा ही किया गया। इसका खुलासा 26 साल की रेबेका डर्बीशायर नाम की लड़की की वजह से हुआ। रेबेका को भी शिकार बनाया गया, लेकिन वह बच गई। इसके बाद जब पड़ताल की गई तो पता चला कि सेम पैटर्न पर कई लड़कियों को निशाना बनाया गया। लड़कियों को याद ही नहीं रहता कि उनके साथ क्या हुआ..?   

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यहां पब में लड़कियों के साथ किया जा रहा घिनौना काम, सुबह होने पर उन्हें कुछ याद भी नहीं रहता

रेबेका ने बताया कि वह बार में अपने ऑर्डर का इंतजार कर रही थी, इसी दौरान उन्हें कंधे पर कुछ चुभने का एहसास हुआ। उस वक्त दोस्त भी उनके साथ थे। चुभने के बाद उन्हें तेजी से नींद सी आने लगी। रेबेका डर्बीशायर ने कहा कि उनका मानना ​​​​था कि उन्हें निशाना बनाया गया था।   

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रेबेका ने बताया कि जैसे ही उन्हें कुछ चुभा। वह तेजी से बेसुध होने लगीं। इसके बाद दोस्तों सहित होटल के लोगों ने उनकी मदद की। फिर उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया। उसका एचआईवी और हेपेटाइटिस सहित कई टेस्ट किए गए। इसके बाद डॉक्टर ने बताया कि उन्हें इंजेक्शन दिया गया था, जिसमें ऐसी दवा थी, जो धीरे-धीरे बेहोश कर देती। इतना ही नहीं, वह अस्थायी रूप से पंगु बना सकता था।  

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कुछ देर तक तो रेबेका को लगा कि ऐसा सिर्फ उन्हीं के साथ हुआ। लेकिन इसी तरह के सुई हमलों की रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने पुलिस को खबर किया। तब खुलासा हुआ कि पिछले दो महीनों में पुलिस के पास इंजेक्शन के हमलों के 20 से अधिक केस आए हैं। नेशनल पुलिस चीफ्स काउंसिल ने कहा कि अधिकांश केस स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड से आए हैं। जहां लड़कियों को निशाना बनाया गया।  
 

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ऐसा ही एक केस जारा ओवेन का है। वे 19 साल की है और नॉटिंघम यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को प्रेजम नाइट क्लब में कथित तौर पर उसके पैर में चोट लगी। इसके बाद उनके साथ क्यों हुआ। कुछ भी याद नहीं। 

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नॉटिंघमशायर पुलिस को अक्टूबर में अब तक 14 केस मिले, जिन्हें नुकीली चीजें धंसाई गईं। महिलाओं के खिलाफ स्पाइकिंग की घटनाओं की खबरें सोशल मीडिया के जरिए फैल गई हैं, जिससे पूरे ब्रिटेन में पुलिस जांच शुरू हो गई है। सुई के अलावा उनके खाने में कुछ जहरीले दवाएं मिलाने की भी खबर सामने आई है। 

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नाइट टाइम इकोनॉमी के संस्थापक जो कॉक्स-ब्राउन ने मिरर को बताया कि स्पाइकिंग तब होता है जब किसी की जानकारी के बिना शराब या ड्रग्स को किसी के खाने या पानी में मिलाया जाता है। यह अवैध है और दोषी पाए जाने पर अधिकतम सजा 10 साल की जेल है। अगर इस दौरान डकैती या यौन हिंसा की जाती है तो सजा और भी ज्यादा होगी। 

नोट- इस न्यूज में इस्तेमाल की गईं सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं।

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