Published : Feb 23, 2021, 05:43 PM ISTUpdated : Feb 23, 2021, 05:46 PM IST
ये तस्वीरें बेहद डरावनी है, क्योंकि अगर यह ज्वालामुखी ऐसे ही फूटता रहा और इसका लावा समुद्र में घिरा तो विनाशकारी सुनामी आ सकती है। यूरोप का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट एटना (Mount Etna) फिर से फूट पड़ा है। माउंट एटना पिछले कई दिनों से यही विकराल रूप दिखा रहा है। आसमान में राख के बादल छाये हुए हैं। आसपास भूकंप के हल्के झटके भी महसूस किए जा रहे हैं। यहां रहने वाले लोग डरे हुए हैं। बता दें कि यह ज्वालामुखी हजारों साल से सक्रिय है। इससे पहले यह ज्वालामुखी 1500 ईसापूर्व विनाश लाया था। बहुत पहले इस ज्वालामुखी के फटने से रोम के दो ऐतिहासिक शहर हर्कयूलेनियम और पोम्पेई खत्म हो गए थे। देखिए कुछ तस्वीरें और जानिए अब क्या...
इटली के एक द्वीप सिसली (Sicily) में स्थित माउंट एटना (Mount Etna) हजारों साल से कुख्यात रहा है। यह लगातार धधकता रहता है, लेकिन ऐसा भयंकर मंजर कभी-कभार ही बार देखने को मिलता है। 1971 में माउंट एटना के फटने से कई गांवों बर्बाद हो गए थे। यह ज्वालामुखी हर साल 10 लाख टन लावा और 7 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड, पानी और सल्फरडाइऑक्साइड छोड़ रहा है।
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हाल में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के एक उपग्रह ने माउंट एटना की कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें भेजी हैं। इससे पता चलता है कि यह ज्वालामुखी पिछले दो हफ्ते से ऐसे ही धधक रहा है। इसमें अब धमाके भी हो रहे हैं।
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माउंट एटना से निकल रहा लावा धीरे-धीरे दूर तक फैलता जा रहा है। आशंका है कि यह लावा अगर यूं ही बहता हुआ समुद्र में मिलता रहा, तो सुनामी आ सकती है।
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रात के समय ज्वालामुखी से निकल रहीं आग की भीषण चिंगारियां दूर-दूर तक देखी जा सकती हैं। दूर से देखने पर यह प्रकृति के किसी चमत्कार जैसा है, लेकिन खतरनाक भी है।
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अंतरिक्ष से भेजी तस्वीरों से पता चलता है कि सिसीलियाई पहाड़ धीरे-धीरे मेडिटरेनियन-सी (Mediterranean Sea) की ओर खिसक रहा है। इस इलाके में करीब 10 लाख लोग रहते हैं।
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2018 से वैज्ञानिक और रिसर्चर माउंट एटना के हर मूवमेंट पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसके लिए एटना के आसपास बने 100 से अधिक GPS स्टेशंस से डेटा जुटाया जा रहा है।
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ताजा स्टडी अलर्ट करती है। अगर समुद्र तट के पास ज्वालामुखी फटा, तो उसका लावा समुद्र में मिलने पर भयंकर सुनामी ला सकता है।
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माउंट एटना का लावा महासुनामी का कारण बन सकता है। इससे मेडिटरेनियम का पूर्वी तट जमींदोज हो सकता है। इसकी चपेट में एक बड़ी आबादी आ सकती है।
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2001 से 12 तक की गई स्टडी से खुलासा हुआ है कि एटना सिसली के आइओनियम सी की ओर हर साल 14 मिलीमीटर खिसक रहा है। रिसर्चर जॉन मरे बताते हैं कि यह ज्वालामुखी भविष्य के लिए खतरा है।
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आपको बता दें कि यह ज्वालामुखी ऐसे ही 6000 ईसापूर्व फटा था। ज्वालामुखी फटने से माउंट एटना ऊंचा होता जाता है। इस समय इसकी ऊंचाई 170 फीट है।
फोटो क्रेडिट-theatlantic.com
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