4. सोशल मीडिया और बदलता डिजिटल वर्ल्ड
मोबाइल और सोशल मीडिया ने लोगों को जोड़ा भी है और कई बार दूर भी किया है। जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम, प्राइवेसी को लेकर विवाद या सोशल मीडिया वाले रिश्तों को लेकर भरोसा ना होना जैसी वजहों से भी टेंशन बढ़ता है।
5. डोमेस्टिक वायलेंस (घरेलू हिंसा) और सम्मान की कमी
रिलेशनशिप में वायलेंस, मेंटली टॉर्चर, गाली-गलौज या लगातार अपमान हो, तो भी कई कपल तलाक के रास्ते पर चले जाते हैं।
6. आशा-अपेक्षा या उम्मीदों का बदलना
आज लोग जिंदगीभर साथ रहने के लिए सिर्फ शादी नहीं करते बल्कि इमोशनल सपोर्ट, बराबरी और सम्मान की भी उम्मीद एक-दूसरे से रखते हैं। जब ये उम्मीदें पूरी नहीं होतीं, तो रिश्तों में दरार आ जाती है।
7. कानूनी और सोशल चेंज
पहले के समय में समाज के दबाव की वजह से रिश्तों में आई दरार को सही कर दिया जाता था। अब लीगल अवेयरनेस, एजुकेशन और आर्थिक आत्मनिर्भरता (Economic independence) बढ़ने से लोग अपने अधिकारों के बारे में जानने लग गए हैं। इससे तलाक के मामले बढ़ गए हैं।