बुखार क्यों आता है? शरीर का यह सीक्रेट डिफेंस सिस्टम आपको चौंका देगा!
High Fever Symptoms: हम में से लगभग हर इंसान को कभी न कभी बुखार जरूर आता है। जैसे ही शरीर गर्म होने लगता है, लोग घबरा जाते हैं और तुरंत मेडिसिन लेने की सोचते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बुखार आखिर आता क्यों है? जानिए

असल में बुखार कोई बीमारी नहीं, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि आपका शरीर किसी बीमारी से लड़ रहा है। यानी बुखार कई बार शरीर का सुरक्षा कवच भी होता है। हमारी बॉडी का नॉर्मल टेंप्रेचर लगभग 37°C (98.6°F) माना जाता है। जब यह टेंप्रेचर बढ़कर 38°C (100.4°F) या इससे ज्यादा हो जाता है, तो उसे बुखार कहा जाता है।

जब वायरस, बैक्टीरिया या कोई दूसरा संक्रमण बॉडी में प्रवेश करता है, तो हमारी इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) तुरंत एक्टिव हो जाती है। White Blood Cells (सफेद रक्त कोशिकाएं) एलर्जी से लड़ने के लिए कुछ विशेष रसायन (Chemical Messengers) छोड़ती हैं। ये केमिकल माइंड के हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) को मैसेज देते हैं कि बॉडी का टेंप्रेचर थोड़ा बढ़ा दिया जाए।
टेंप्रेचर बढ़ने से कई वायरस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ नहीं पाते। साथ ही बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर तरीके से काम करती है। यही कारण है कि डॉक्टर अक्सर कहते हैं हल्का बुखार बॉडी का नेचुरल रिस्पॉन्स है।
फीवर कई वजहों से आ सकता है। सबसे बेसिक वजह वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन हैं। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, फ्लू, कोविड-19, निमोनिया, यूरिन इंफेक्शन, कान या गले का इन्फेक्शन भी फीवर की वजह बन सकते हैं। कभी-कभी वैक्सिनेशन के बाद, कुछ मेडिसिन के कारण या शरीर में सूजन होने पर भी फीवर आ सकता है।
बुखार या फीवर आने पर शरीर में ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, पसीना आना, भूख कम लगना और थकान जैसे सिंप्टोम्स (लक्षण) दिखाई दे सकते हैं। ज्यादातर केसों में हल्का बुखार 2-3 दिन में ठीक हो जाता है। इस दौरान खूब पानी पीना, आराम करना और हल्का भोजन करना फायदेमंद होता है। यदि डॉक्टर सलाह दें तो पैरासिटामोल जैसी मेडिसिन ली जा सकती है। लेकिन बिना सलाह के बार-बार एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है, क्योंकि हर बुखार बैक्टीरिया की वजह से नहीं होता।
अगर बुखार 103°F (39.4°C) या उससे अधिक हो, लगातार तीन दिन से ज्यादा बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, बार-बार उल्टी हो, दौरे पड़ें, तेज बेहोशी की स्थिति हो, या छोटे बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
याद रखें, बुखार दुश्मन नहीं है। यह शरीर का एक संकेत है कि अंदर कोई समस्या है और शरीर उससे लड़ रहा है। इसलिए सिर्फ टेंप्रेचर कम करने के बजाय यह जानना भी जरूरी है कि बुखार किस कारण से आया है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह से प्रॉपर चेकअप करवाएं।
कॉन्टेन्ट सोर्सः World Health Organization, Mayo Clinic-Fever: Symptoms and causes, MedlinePlus, Centers for Disease Control and Prevention.

