गुस्सा क्यों आता है? जानें माइंड, बॉडी और इमोशंस के बीच क्या होता है?
Anger Causes: गुस्सा ऐसी भावना है, जिसे हर इंसान कभी न कभी महसूस करता है। किसी की बात बुरी लग जाए, काम बिगड़ जाए या कोई परेशान करे, तो गुस्सा आना लाजमी है। लेकिन कभी सोचा है गुस्सा आता क्यों है? यह सिर्फ स्वभाव की बात है या इसके पीछे कोई साइंस भी है?

गुस्सा क्या है?
गुस्सा हमारे बॉडी और माइंड की एक रूटीन इमोशनल रिस्पॉन्स या कह लें भावनात्मक प्रतिक्रिया है। जब हमें लगता है कि हमारे साथ गलत हुआ है, कोई खतरा है या हमारी उम्मीद के मुताबिक चीजें नहीं हुईं, तो माइंड गुस्से वाला रिस्पॉन्स दे सकता है। यानी गुस्सा अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। यह एक सामान्य भावना है। फर्क इस बात से पड़ता है कि हम उसे कैसे कंट्रोल करते हैं।

दिमाग में क्या होता है?
जब कोई ऐसी घटना होती है जिससे हमें तकलीफ होती है या खतरा महसूस होता है, तो हमारे माइंड का एक पार्ट, जिसे अमिगडाला (Amygdala) कहा जाता है, तेजी से एक्टिव हो जाता है। अमिगडाला मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में मौजूद बादाम के साइज की सेल्स का एक छोटा ग्रुप होता है। यह भावनाओं, डर, गुस्से और खतरे को पहचानने के साथ-साथ हमारी मेमोरी को मजबूत करने का काम करता है।
इसके बाद शरीर में एड्रेनालिन (Adrenaline) और कॉर्टिसोल (Cortisol) जैसे हार्मोन बढ़ सकते हैं। इससे दिल तेजी से धड़कता है, सांस तेज हो जाती है और बॉडी किसी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हो जाता है। यही वजह है कि गुस्से में कई लोगों का चेहरा लाल हो जाता है, आवाज ऊंची हो जाती है।
हर किसी को अलग-अलग बात पर गुस्सा क्यों आता है?
हर व्यक्ति के अनुभव, स्वभाव और कंडीशंस अलग-अलग होती हैं। इसलिए गुस्से की वजह भी अलग हो सकती है। जैसे -
- किसी को ट्रैफिक जाम से गुस्सा आता है।
- किसी को बार-बार टोकने पर।
- किसी को अपमान महसूस होने पर।
- किसी को काम का ज्यादा दबाव होने पर।
यानी गुस्से का कारण सिर्फ घटना नहीं, बल्कि उस घटना को हम कैसे देखते और महसूस करते हैं, यह भी मायने रखता है। उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझिए, मान लीजिए 2 दोस्त ऑफिस जा रहे हैं और रास्ते में जाम लग गया। पहला व्यक्ति सोचता है, 'आज फिर देर हो जाएगी,' और वह बहुत गुस्सा हो जाता है। दूसरा व्यक्ति मान लेता है कि जाम उसके कंट्रोल में नहीं है, इसलिए वह शांत रहता है। घटना एक ही है, लेकिन दोनों की सोच अलग है। यही वजह है कि हर व्यक्ति को एक जैसी बात पर समान गुस्सा नहीं आता।
गुस्सा कब टेंशन की बात बन सकता है?
अगर कभी-कभी गुस्सा आए, तो यह सामान्य है। लेकिन अगर, छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा गुस्सा आए। गुस्से में चीजें तोड़ने या लोगों को नुकसान पहुंचाने का मन करे। या गुस्से की वजह से रिश्ते, काम या पढ़ाई प्रभावित होने लगे। तो किसी साइकोलॉजिस्ट (Psychologist) या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।
गुस्से को कैसे कंट्रोल करें? (How to control anger)
गुस्से को कंट्रोल करने के लिए एक्सपर्ट ने कुछ सिंपल टिप्स सुझाए हैं-
- गुस्सा आने पर गहरी सांस लें।
- जवाब देने से पहले कुछ सेकंड रुकें और सोचें।
- पूरी नींद लें और रेगुलर योग करें।
- अपनी बात शांत तरीके से कहने की कोशिश करें।
- अगर तनाव ज्यादा हो, तो किसी अपने व्यक्ति से बात करें।
कॉन्टेन्ट सोर्सः American Psychological Association, National Institute of Mental Health, Mayo Clinic, World Health Organization.