
हेल्थ डेस्क. अनचाही प्रेग्नेंसी को लेकर महिलाएं काफी परेशान होती हैं। वो अपनी सेक्स लाइफ खुलकर एन्जॉय नहीं कर पाती हैं। फैमिली प्लानिंग के लिए मार्केट में बहुत सारे प्रोडक्ट मौजूद हैं, लेकिन 100 प्रतिशत कामयाबी की गारंटी नहीं हैं। गर्भनिरोध गोलियां महिलाओं के सेहत के लिए खतरनाक होते हैं। लेकिन हमारे पड़ोसी मुल्क नेपाल के पास अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने का एक ऐसा 'हथियार'हाथ लगा है जिसे जानकर महिलाओं में खुशी का माहौल हैं।
दरअसल, नेपाल ने ‘कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स’ डिवाइस लगाना आम है। माचिस की तिली बराबर एक डिवाइस महिलाओं को अनचाही प्रेग्नेंसी से छुटकारा दिला रहा है। इस डिवाइस को लगाने के लिए भारतीय महिलाएं बड़ी संख्या में नेपाल का रुख कर रही हैं। डॉक्टर बताते हैं कि कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स मौजूदा सभी तरीकों में सबसे मॉडर्न हैं। यह महिलाओं के लिए सेफ हैं। इसका यूज करना आसान हैं। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं भी इसका इस्तेमाल कर सकती हैं।
डिवाइस को स्किन के अंदर डालने में लगता है महज 5 मिनट
मेडिकल डिवाइस को महिला के बांह में स्किन के अंदर डाला जाता है। यह तीली जितना छोटा होता है। पूरी प्रक्रिया में बस पांच मिनट लगता है। यह डिवाइस फ्लेक्सिबल प्लास्टिक से बना होता है। इससे ‘प्रोजेस्टोजन’ (Progestogen) नाम के एक सिंथेटिक हॉर्मोन का रिसाव होता है, जो प्रेग्नेंसी रोकने में मदद करता है। इसे लगवाने से तीन साल तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा मिल जाता है। अगर इस बीच आप प्रेग्नेंट होना चाहते हैं तो इसे आराम से निकलवा सकती हैं। कुछ दिन में फर्टिलिटी वापस आ जाती है।
भारत में मौजूद है डिवाइस लेकिन राह आसान नहीं
भारत में भी यह डिवाइस लगाया जाता है। लेकिन सरकारी अस्पताल में इसकी सुविधा नहीं हैं। प्राइवेट अस्पताल में इन्हें लगवाना आसन नहीं है। लेकिन पड़ोसी मुल्क नेपाल में इसे फ्री में लगाए जाते हैं। जानकारी की मानें तो छह महीने में 400 महिलाएं नेपाल जाकर इस डिवाइस को लगाई हैं। यहां यह फैमिली प्लानिंग के तहत लगाई जाती है। इसे लगाने के लिए डॉक्टर की जरूरत नहीं होती है। बल्कि नर्स या स्वास्थकर्मी इसे लगा देते हैं।
यह डिवाइस प्रेग्नेंसी रोकने में 99 प्रतिशत से ज्यादा कामयाब है। इसे लगाने के बाद प्रेग्नेंसी रोकने के लिए इंजेक्शन (इंजेक्टिबल कॉन्ट्रासेप्टिव) लगवाने, गोली खाने की टेंशन खत्म हो जाती है। यह डिवाइस तीन तरह से काम करता है।
ऐसे रोकता है डिवाइस अनचाही प्रेग्नेंसी
1. डिवाइस से प्रोजेस्टोजन हार्मोन का रिसाव होता है। इसकी मात्रा ज्यादा होने से एग का प्रोडक्शन रुक जाता है।
2. स्पर्म को यूट्रस के अंदर जाने से पहले सर्विक्स से होकर जाना पड़ता है। इसमें मौजूद लिक्विड (सर्वाइकल म्यूकस) स्पर्म को तैरने और जीवित रहने में मदद करकता है। प्रोजेस्टोजन हॉर्मोन इसी लिक्विड गाढ़ा कर देता है। जिससे स्पर्म तैर नहीं पाता और आगे नहीं बढ़ पाता है।
3. प्रोजेस्टोजन यूट्रस के भीतरी लाइनिंग को बहुत ज्यादा सकड़ा कर देता है। अगर किसी तरह एग और स्पर्म का मिल हो जाता तो फर्टिलाइज एग यूट्रस में रह नहीं पाते हैं और पीरियड्स के दौरान बाहर निकल जाता है।
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