देवघर रोपवे हादसा: जहां हर रोज ट्रॉलियों से जाते थे सैंकड़ो श्रद्धालु, वहां कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा

Published : Apr 12, 2022, 07:58 AM IST
देवघर रोपवे हादसा: जहां हर रोज ट्रॉलियों से जाते थे सैंकड़ो श्रद्धालु, वहां कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा

सार

तारों के जाल के कारण रेस्क्यू करने जवानों को काफी परेशानियां आ रही हैं। सभी को बचाने की कोशिश की जा रही है। अभी भी हवा में 15 लोग फंसे हैं। इसमें एक कमांडो भी है। ड्रोन के जरिए खाना-पानी पहुंचाया जा रहा है। 

देवघर : झारखंड (Jharkhand) के देवघर (Deoghar) में  हुए रोपवे हादसे में 36 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी है। अब तक 32 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है। जबकि 4 ट्रॉलियों में 15 जिंदगियां अब भी हवा के बीच लटकी हुई हैं। इनमें एक गरुण कमांडो भी है। मंगलवार सुबह छह बजे से एक बार फिर सेना के जवान सभी को बचाने में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में लोग भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। जिन परिवार के लोग अभी भी नीचे नहीं आ पाए हैं, उनके माथे पर सिकन देखी जा रही है। लेकिन इस बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि जहां हर रोज सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और वे ट्रॉलियों से ही त्रिकुट पर्वत पर पहुंचते हैं, वहां इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? 

कैसे हो गया इतना बड़ा हादसा
रविवार को रामनवमी का दिन था। हर रोज की तरह उस दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा थी तो सभी ट्राॉलियां खोल दी गई। एक साथ कई ट्रॉलियों को रवाना कर दिया गया। इस लापरवाही से रोप-वे के केबल पर लोड बढ़ गया और एक रोलर टूट गया। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, जैसे ही रोलर टूटा, एक के बाद एक ट्रॉलियां पहाड़ से जा टकराईं। उनमें से दो लुढ़कर नीचे जा गिरी। कई श्रद्धालु घायल हो गए थे और कई हवा में लटकने लगे।

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36 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी

जहां ट्रॉलियां फंसी हैं, वहां हर तरफ पहाड़ी है और नीचे 2500 फीट की खाई। इसी ऊंचाई पर लोग फंसे हैं और जवान उनकी जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार शाम से ही लोगों को निकालने की कवायद जारी है। आर्मी, एयरफोर्स और NDRF के साथ स्थानीय प्रशासन भी मौके पर जुटा है। ट्रॉलियों से सबसे पहले बच्चों को नीचे लाया गया और उन्हें कैंप में रखा गया। सेना के जवान लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे हैं।

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हेलिकॉप्टर से गिरने से एक मौत

रेस्क्यू में सेना के जवान पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीन ट्रॉली सबसे ऊंचाई पर अटकी है। वहां से सुरक्षित बचाने के लिए एक-एक बिंदु पर काम कर रेस्क्यू को आगे बढ़ाया जा रहा है। रोप-वे के तार के कारण वहां तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं। अब तक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक रेस्क्यू के दौरान सेफ्टी बेल्ट टूट जाने के कारण एक शख्स की हेलिकॉप्टर से नीचे गिर कर मौत हो गई। इस तरह मरने वालों की संख्या तीन हो गई है जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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