
सिर्फ पेट भरना ही बच्चों के ग्रोथ की जरूरत पूरी नहीं करता, बल्कि उनके ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए बैलेंस्ड और हेल्दी न्यूट्रिशन बहुत जरूरी है। अक्सर पेरेंट्स को यह देखकर संतुष्ट और खुश हो जाते हैं कि बच्चा भरपेट खाना खा रहे हैं, लेकिन असली चुनौती है उन्हें खाने के माध्यम से सही पोषण देना। सिर्फ पेट भरने से बच्चे का विकास नहीं होगा, इसलिए बच्चों की डाइट में कुछ हेल्दी ईटिंग हैबिट्स जरूर अपनाएं, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से हो सके।
बचपन से ही आयरन की कमी बच्चों के ग्रोथ को प्रभावित करती है और एनीमिया जैसी समस्या आ सकती है। पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों की प्लेट में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करें, लेकिन इसे सीधे-सीधे परोसने के बजाय स्मार्ट तरीके से छुपाकर दें, ताकि वे बिना नाक-मुंह बनाएं खा सके। जैसे कि आटे में पालक या मेथी मिलाकर रोटी बनाना, इडली या डोसा बैटर में मूंग दाल मिलाएं, या फिर पोहा और उपमा में मूंगफली डालकर दें। इस तरह बच्चे बिना नखरे किए जरूरी न्यूट्रिशन ले पाएंगे।
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पेरेंट्स बच्चों को ज्यादा खिलाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि ज्यादा या भरपेट खिलाने के बजाए उनके थाली में तरह-तरह की चीजें ऐड करना है। अगर रोजाना वही दो-तीन चीजें हर दिन परोसी जाएं तो बच्चे बोर हो जाते हैं और न्यूट्रिशन का बैलेंस भी बिगड़ सकता है। इसलिए अलग-अलग रंगों की सब्जियां, अनाज, दाल और फलों को बच्चों के खाने में शामिल करना चाहिए। जितनी ज्यादा वैरायटी होगी, उतना ही न्यूट्रिएंट्स शरीर को मिलेंगे और बच्चे का इम्यून सिस्टम स्ट्रांग बनेगा।
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बहुत से पेरेंट्स बच्चों के खाने में घी डालने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे बच्चे मोटे हो जाएंगे। लेकिन सही मात्रा में दिया गया घी बच्चों के दिमाग और हड्डियों के ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन शरीर को एनर्जी देते हैं और पाचन को भी बढ़िया रखते हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इसे लिमिट में इस्तेमाल किया जाए, जैसे रोटी पर हल्का सा घी या दाल में एक चम्मच घी डालकर बच्चों को दिया जाए।
गर्मी हो या सर्दी, बच्चों की डाइट में दही या छाछ जरूर शामिल करनी चाहिए। दही प्रोबायोटिक्स का सबसे अच्छा सोर्स है, जो बच्चों की डाइजेशन पावर और गट हेल्थ को मजबूत बनाता है। इससे बच्चों का इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और बार-बार होने वाले इंफेक्शन से भी बचाव मिलता है।
नट्स और सीड्स बच्चों के मेंटल ग्रोथ और एनर्जी के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन अक्सर बच्चे इन्हें सीधा खाना नहीं चाहते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को इन्हें स्मार्टली डाइट में शामिल करना चाहिए। जैसे घर के बने लड्डू, चटनी, स्मूदी या मिल्क शेक में बादाम, काजू, अखरोट, अलसी या चिया सीड्स मिलाए जा सकते हैं।
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