
पिछले कुछ सालों में मेकअप इंडस्ट्री में खूब बूम हुआ है। महिलाएं धड़ल्ले से से मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रही हैं। आंखों में स्मोकी लुक हो या फिर आंखों को आईशैडो से रंगना। ओवरऑल मेकअप त्वचा पर रोजाना लगाया जा रहा है। पब मेड की एक नई स्टडी आपको चौंका सकती है। आई मेकअप आंखों की हेल्थ को खराब कर सकता है। अगर आप ध्यान नहीं देंगे, तो आईलाइन और मस्कारा भविष्य में गंभीर नेत्र रोग का कारण भी बन सकता है। आइए जानते हैं कि PubMed पर प्रकाशित एक हालिया भारतीय क्लिनिकल स्टडी में क्या खास बातें सामने आईं।
एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस आंखों में होने वाली एक एलर्जी है, जिसमें आंखों की सफेद झिल्ली यानी कि कंजंक्टाइवा में सूजन आ जाती है।अगर आप आंखों में रोजाना काजल, आईलाइनर या मस्कारा लगाते हैं, तो उसमें मौजूद प्रिजर्वेटिव और फ्रेगरेंस के कारण आंखों में एलर्जी की समस्या हो सकती है। इस कारण से आंखों में खुजली और जलन भी बढ़ जाती है और दिखने में भी समस्या पैदा होती है।PubMed पर प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि 85% महिलाओं को आईमेकअप से दिक्कत हुई।
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पलकों के किनारों पर मौजूद ऑयल ग्रंथियां रोजाना या ज्यादा मेकअप लगाने से ऑयल ग्लैंड बंद हो जाती हैं। जब लैश लाइन या वाटर लाइन पर मेकअप लगाया जाता है, तो यह ब्लॉक हो जाती है, जिससे कि आंसुओं की क्वालिटी भी प्रभावित होती हैं। इस कारण से आंखों में ड्राइनेस के साथ ही जलन बढ़ जाती है और धुंधला दिखने लगता है।
अगर आंखों के किसी बीमारी के बावजूद मेकअप का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है, तो आंखों में बीमारी का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। आंखों में ड्राइनेस के साथ ही पानी आने की भी समस्या पैदा हो जाती है। अगर ध्यान ना दिया जाए, तो आंखों की रोशनी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
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