तकिये के पास फ़ोन रखने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। सोशल मीडिया पर बताये जाने वाले ख़तरे, जैसे मौत होना, असंभव है। फ़ोन से निकलने वाला रेडिएशन कम ऊर्जा वाला होता है। यह हमारे जीन्स या शरीर की कोशिकाओं को सीधे नुकसान नहीं पहुंचाता। तकिये के पास फ़ोन रखने से मौत हो सकती है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
फ़ोन कम मात्रा में गैर-आयनीकृत रेडिएशन छोड़ते हैं। फ़ोन का लगातार इस्तेमाल नींद में खलल या तनाव का कारण बन सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान संस्थान (IARC) ने अभी तक फ़ोन रेडिएशन और दिमाग पर इसके असर के बीच कोई संबंध नहीं पाया है।