ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर क्या है? जिससे जूझ रही ये एक्ट्रेस, जानें लक्षण और कारण

Published : Nov 05, 2025, 02:04 PM IST
ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर के लक्षण और कारण

सार

What is Oligometastatic cancer: ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर को कैंसर की विंडो ऑफ होप कहा जाता है। यह वह स्टेज है जहां इलाज के जरिए बीमारी को कंट्रोल या खत्म किया जा सकता है। जानें इसके बारे में पूरी डिटेल।

जोराम, पार्च्ड और एंग्री इंडियन गॉडेसेस जैसी फिल्मों के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी, स्टेज 4 ऑलिगो मेटास्टेटिक कैंसर से जूझ रही हैं। कैंसर की दुनिया में ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर (Oligometastatic Cancer) एक ऐसा शब्द है जो न तो पूरी तरह शुरुआती स्टेज का कैंसर होता है और न ही बहुत एडवांस्ड स्टेज का। यह कैंसर का मिडिल चरण होता है, जिसमें ट्यूमर शरीर के एक या दो अन्य हिस्सों तक फैला होता है, लेकिन बहुत सीमित लेवल पर। अगर इस स्टेज को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है और मरीज की लाइफ एक्सपेक्टेंसी और क्वालिटी ऑफ लाइफ दोनों बेहतर हो सकती हैं।

ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर क्या है? 

जब कैंसर किसी एक ऑर्गन से शुरू होकर दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है, तो उसे मेटास्टैटिक कैंसर कहा जाता है। लेकिन अगर यह फैलाव बहुत सीमित हो यानी 3 से 5 स्थानों तक ही फैला हो, तो उसे ओलिगोमेटास्टैटिक स्टेज कहा जाता है। यह एक ट्रांजिशन स्टेज है जो शुरुआती कैंसर (Localized) और एडवांस्ड कैंसर (Widespread Metastatic) के बीच का है। इस स्टेज में कैंसर को कंट्रोल या पूरी तरह समाप्त करने की संभावना रहती है, खासकर अगर समय पर सटीक डायग्नोसिस और टारगेटेड ट्रीटमेंट मिल जाए।

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ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर कैसे फैलता है?

कैंसर कोशिकाएं जब मूल ट्यूमर (Primary tumor) से निकलकर खून या लसीका तंत्र (lymphatic system) के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में जाती हैं, तो वे नए ट्यूमर बना सकती हैं। लेकिन ओलिगोमेटास्टैटिक केस में कैंसर कोशिकाएं सीमित मात्रा में फैलती हैं। शरीर की इम्यून सिस्टम या टिश्यू बैरियर उन्हें ज्यादा फैलने से रोक देता है।यही कारण है कि यह स्टेज इलाज के लिए सबसे संवेदनशील मानी जाती है।

 

 

ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर के लक्षण (Oligometastatic Cancer Symptoms)

  • लगातार थकान और कमजोरी
  • वजन में बिना कारण गिरावट
  • ट्यूमर वाले क्षेत्र में हल्का या लगातार दर्द
  • भूख न लगना और नींद की कमी
  • सांस लेने में दिक्कत (अगर कैंसर फेफड़ों तक फैला हो)
  • हड्डियों में दर्द या फ्रैक्चर (अगर बोन मेटास्टेसिस हुआ हो)
  • पीला पड़ना या ब्लड सेल्स की कमी
  • ओलिगोमेटास्टैटिक स्टेज में लक्षण बहुत हल्के या अस्पष्ट होते हैं, इसलिए रूटीन चेकअप और कैंसर स्क्रीनिंग बेहद जरूरी होती है।

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ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर के कारण (Oligometastatic Cancer Causes)

  1. जीन म्यूटेशन (Genetic Mutation) – कुछ जीन म्यूटेशन कैंसर कोशिकाओं को सीमित स्तर पर फैलने देते हैं।
  2. कम मेटास्टेटिक क्षमता – सभी कैंसर कोशिकाओं में फैलने की समान क्षमता नहीं होती।
  3. इम्यून सिस्टम का नियंत्रण – शरीर की इम्यून सेल्स कई बार कैंसर को पूरी तरह फैलने से रोक देती हैं।
  4. ट्यूमर का प्रकार और ग्रोथ रेट – धीमी गति से बढ़ने वाले ट्यूमर ओलिगोमेटास्टैटिक स्टेज तक सीमित रह सकते हैं।
  5. इलाज का आधा असर होना – कुछ मरीजों में पहले से दी गई थेरेपी कैंसर को फैलने से आंशिक रूप से रोक देती है।

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