
जोराम, पार्च्ड और एंग्री इंडियन गॉडेसेस जैसी फिल्मों के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी, स्टेज 4 ऑलिगो मेटास्टेटिक कैंसर से जूझ रही हैं। कैंसर की दुनिया में ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर (Oligometastatic Cancer) एक ऐसा शब्द है जो न तो पूरी तरह शुरुआती स्टेज का कैंसर होता है और न ही बहुत एडवांस्ड स्टेज का। यह कैंसर का मिडिल चरण होता है, जिसमें ट्यूमर शरीर के एक या दो अन्य हिस्सों तक फैला होता है, लेकिन बहुत सीमित लेवल पर। अगर इस स्टेज को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है और मरीज की लाइफ एक्सपेक्टेंसी और क्वालिटी ऑफ लाइफ दोनों बेहतर हो सकती हैं।
जब कैंसर किसी एक ऑर्गन से शुरू होकर दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है, तो उसे मेटास्टैटिक कैंसर कहा जाता है। लेकिन अगर यह फैलाव बहुत सीमित हो यानी 3 से 5 स्थानों तक ही फैला हो, तो उसे ओलिगोमेटास्टैटिक स्टेज कहा जाता है। यह एक ट्रांजिशन स्टेज है जो शुरुआती कैंसर (Localized) और एडवांस्ड कैंसर (Widespread Metastatic) के बीच का है। इस स्टेज में कैंसर को कंट्रोल या पूरी तरह समाप्त करने की संभावना रहती है, खासकर अगर समय पर सटीक डायग्नोसिस और टारगेटेड ट्रीटमेंट मिल जाए।
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कैंसर कोशिकाएं जब मूल ट्यूमर (Primary tumor) से निकलकर खून या लसीका तंत्र (lymphatic system) के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में जाती हैं, तो वे नए ट्यूमर बना सकती हैं। लेकिन ओलिगोमेटास्टैटिक केस में कैंसर कोशिकाएं सीमित मात्रा में फैलती हैं। शरीर की इम्यून सिस्टम या टिश्यू बैरियर उन्हें ज्यादा फैलने से रोक देता है।यही कारण है कि यह स्टेज इलाज के लिए सबसे संवेदनशील मानी जाती है।
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