
पिंपल की समस्या अगर एक बार हो जाए, तो उसे जड़ से खत्म करना मुश्किल लगता है। खूब सारी दवाएं या क्रीम लगाने के बाद कुछ ही समय में फिर से पिंपल दिखने लगते हैं। आज वर्ल्ड होम्योपैथी डे (World Homeopathy Day) के अवसर पर हम आपको ऐसी कुछ होम्योपैथी दवाओं के नाम बताएंगे, तो पिंपल, एक्ने या दाने की समस्या में राहत दिलाती हैं। साथ ही समस्या को जड़ से खत्म करती हैं।
पिंपल की समस्या को दूर करने के लिए सल्फर दवा फायदेमंद मानी जाती है। जिनकी स्किन बहुत ऑयली होती है और बार-बार पिंपल्स आ जाते हैं, उन्हें डॉक्टर सल्फर होम्योपैथी मेडिसिन लेने की सलाह देते हैं। आप डॉक्टर को स्किन प्रॉब्लम बताकर सही होम्योपैथी दवा खरीद सकते हैं।
पिंपल्स में दर्द के साथ अगर पस भर जाती है, तो डॉक्टर हेपर सल्फ्यूरिस कैल्केरियम दवा सजेस्ट करते हैं। जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है या फिर इंफेक्शन अधिक होता है, उन्हें ये दवा दी जाती है।
होम्योपैथी डॉक्टर पीले पस वाले पिंपल्स में कैल्केरिया सल्फ्यूरिका दवा देते हैं। स्किन इंफेक्शन को कंट्रोल करके ये दवा जल्दी पिंपल से राहत दिलाती है।
सिलिसिया होम्योपैथी मेडिसिन स्किन से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करती है। गहरे और बार-बार होने वाले पिंपल्स में इस दवा को असरकारी माना जाता है। अगर पिंपल के कारण स्किन में घाव हो गया है, तो स्किन हीलिंग में भी ये दवा काम आती है।
ऑयली स्किन और ब्लैकहेड्स को दूर करने में नैट्रम म्यूरिएटिकम दवा असरदार होती है।हार्मोनल कारणों या स्ट्रेस की वजह से हो रहे पिंपल को ये दवा दूर करती है।
नोट: बिना होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह लिए पिंपल मेडिसिंस न लें। डॉक्टर पिंपल के प्रकार और स्किन टाइप के अनुसार दवा खाने की सलाह देते है। साथ ही होम्योपैथी दवा का डोज भी डॉक्टर ही बताते हैं। डॉक्टर की सलाह से सही दवा और लाइफस्टाइल अपनाकर पिंपल की समस्या से राहत पाई जा सकती है।
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