
Organic Fungicide for Plants: मानसून में लगातार नमी और बारिश की वजह से गमलों की मिट्टी लंबे समय तक गीली रहती है। ऐसे मौसम में पौधों की जड़ों, तनों और पत्तियों पर फंगस लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई लोग इसके लिए महंगे केमिकल फंगीसाइड खरीदते हैं, लेकिन नीम की खली एक ऐसा देसी और ऑर्गेनिक उपाय है जो फंगस को कंट्रोल करने के साथ-साथ मिट्टी की क्वालिटी को भी बेहतर बनाती है। सही तरीके से यूज करने पर यह पौधों को हेल्दी रखने और जड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करती है।
नीम की खली में नेचुरल एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह मिट्टी में मौजूद हानिकारक फंगस और कीटों की संख्या को कम करने में मदद करती है। इसके साथ ही यह धीरे-धीरे पोषक तत्व रीलीज करती है, जिससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है। मानसून में इसका नियमित उपयोग पौधों को रूट रॉट जैसी समस्याओं से बचाने में हेल्पफुल है।
बारिश के मौसम में हर 20 से 25 दिन के अंतराल पर गमले की मिट्टी में एक से दो चम्मच नीम की खली मिलाएं। मिट्टी को हल्का लूज करके इसे जड़ों से थोड़ी दूरी पर डालें और हल्की सिंचाई करें। इससे मिट्टी में फंगस पनपने की संभावना कम होती है और पौधों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं।
लगभग 100 ग्राम नीम की खली को एक लीटर पानी में 24 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद घोल को छानकर जरूरत हो तो बराबर मात्रा में पानी मिलाएं। इस घोल को मिट्टी पर डालें। यदि पत्तियों पर उपयोग करना हो, तो पहले किसी एक पत्ती पर परीक्षण कर लें ताकि पौधे पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
घोल के अलावा इसे पाउडर फॉर्म में भी मिट्टी में डाल सकते हैं, ये भी काफी फायदेमंद होता है, बारिश के मौसम में वैसे भी बरसात होते रहती हैं, ऐसे में आप पाउडर फॉर्म में नीम की खली का इस्तेमाल पौधों के लिए कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें- मानसून गार्डनिंग के लिए 5 जरूरी टूल्स
नीम की खली को वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद के साथ मिलाकर कुछ दिनों के लिए ढककर रखें। तैयार मिश्रण को महीने में एक बार गमलों की मिट्टी में डालें। इससे पौधों को पोषण मिलता है, मिट्टी की फर्टीलिटी बढ़ती है और मानसून में फंगस का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
Q1. क्या नीम की खली फंगीसाइड का काम करती है?
हाँ, इसमें नेचुरल एंटीफंगल गुण होते हैं जो मिट्टी में फंगस की ग्रोथ को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
Q2. मानसून में नीम की खली कितनी बार डालनी चाहिए?
आमतौर पर हर 20–25 दिन में एक बार पर्याप्त है।
Q3. क्या नीम की खली सभी पौधों में इस्तेमाल की जा सकती है?
ज्यादातर गार्डन और गमले वाले पौधों में इसका उपयोग किया जा सकता है, लेकिन मात्रा हमेशा पौधे के आकार और गमले के अनुसार रखें।
Lifestyle News in Hindi (लाइफ स्टाइल न्यूज़): Read latest lifestyle news in Hindi, Fashion news in Hindi, Beauty tips, Relationship advice, Health tips, Travel news in Hindi online at Asianet News Hindi.