सीजेआई रंजन गोगोई ने अगले चीफ जस्टिस के लिए एस ए बोबड़े के नाम की सिफारिश की

Published : Oct 18, 2019, 11:22 AM ISTUpdated : Oct 18, 2019, 11:31 AM IST
सीजेआई रंजन गोगोई ने अगले चीफ जस्टिस के लिए एस ए बोबड़े के नाम की सिफारिश की

सार

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अगले चीफ जस्टिस के लिए शरद अरविंद बोबड़े के नाम की सिफारिश की। बोबड़े दूसरे सबसे सीनियर जज हैं।

नई दिल्ली. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अगले चीफ जस्टिस के लिए शरद अरविंद बोबड़े के नाम की सिफारिश की। बोबड़े दूसरे सबसे सीनियर जज हैं। रिटायरमेंट से पहले चीफ जस्टिस इस पद के लिए एक नाम की सिफारिश करनी होती है। इसी क्रम में सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर सिफारिश की है। 

कौन हैं जस्टिस बोबड़े? 
जस्टिस बोबड़े चीफ जस्टिस गोगोई के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज हैं। वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं। 

कौन हैं जस्टिस बोबड़े? 
जस्टिस बोबड़े चीफ जस्टिस गोगोई के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज हैं। वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं। जस्टिस बोबड़े का जन्म 24 अप्रैल, 1956 को नागपुर में हुआ। वकालत उन्हें विरासत में मिली है। उनके दादा एक वकील थे, उनके पिता अरविंद बोबड़े महाराष्ट्र में जनरल एडवोकेट रहे और उनके बड़े भाई विनोद अरविंद बोबड़े भी सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील रहे हैं।  जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े ने नागपुर विश्वविद्यालय से बी.ए और एलएलबी किया था। वह 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल के सदस्य बने थे। वे 21 साल तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते रहे। साल 1998 में उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता का पद संभाला।

2000 में अतिरिक्त जज के रूप में हुए
29 मार्च 2000 में जस्टिस बोबड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया। फिर 16 अक्टूबर 2012 को वे मध्य हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए। इसके बाद उन्होंने 12 अप्रैल 2013 में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस का पद संभाला। दो साल बाद 23 अप्रैल 2021 को वह रिटायर होंगे।

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