
नई दिल्ली. कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच लंबे समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद ने पार्टी से इस्तीफा दे ही दिया। आजाद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से लेकर सभी पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को 5 पन्नों का इस्तीफा भेजा है। इसमें अपनी आपबीती कही है। इसमें राहुल गांधी को कांग्रेस की फजीहत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। आजाद ने बीजेपी में शामिल होने की खबरों का खंडन करते हुए ऐलान किया कि वे जम्मू-कश्मीर लौटेंगे और अपनी पार्टी बनाएंगे। नबी ने कहा कि उनके विरोधी पिछले 3 साल से कहते आ रहे हैं कि मैं भाजपा में जा रहा हूं। उन्होंने तो मुझे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भी बनवा दिया था।
जम्मू-कश्मीर की राज्य कैंपेन कमेटी से इस्तीफा देकर चौंकाया था
73 साल के आजाद जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की कमान संभालना चाह रहे थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने 47 साल के विकार रसूल वानी को ये जिम्मेदारी दे दी। बेशक वानी गुलाम नबी आजाद के करीबी हैं, लेकिन आजाद अपनी उपेक्षा से खफा थे। वानी बानिहाल से विधायक रह चुके हैं। वानी की नियुक्ति के एक घंटे बाद ही पार्टी के सीनियर लीडर पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad resigned) ने कैंपेन कमेटी के चीफ के पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। आजाद ने नियुक्तियों को एक डिमोशन के रूप में देखा, क्योंकि वह पहले से ही पार्टी की अखिल भारतीय राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं। पार्टी के टॉप लीडरशिप में शुमार आजाद, राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं साथ ही व पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर रहने के अलावा केंद्र में भी मंत्री रह चुके हैं। क्लिक करके पढ़े-जम्मू-कश्मीर में अंतर्कलह
कुछ दिनों में दो बड़े नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी
कांग्रेस (Congress) में बगावत चरम पर है। गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर की राज्य कैंपेन कमेटी से इस्तीफा देने के तत्काल बाद ही पार्टी के सीनियर लीडर आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मिली अपनी नई जिम्मेदारी से इस्तीफा दे दिया था। आनंद शर्मा, राज्य कांग्रेस की संचालन समिति के चीफ थे। शर्मा ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में खुद को उपेक्षित महसूस करता हुआ बताया है। क्लिक करे पढ़े-मेरा हो रहा अपमान
कांग्रेस की महत्वाकांक्षी-भारत जोड़ो यात्रा के पहले तगड़ा झटका
गुलाम नबी आजाद ने ठीक ऐसे मौके पर इस्तीफा दिया है, जब कांग्रेस दुबारा खड़े होने की कोशिश में 7 सितबंर से अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत जोड़ो यात्रा(Congress Bharat Jodo Yatra) शुरू करने जा रही है। 23 अगस्त को कांग्रेस ने दिल्ली स्थित पार्टी के मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत जोड़ो यात्रा(Congress Bharat Jodo Yatra) का लोगो और कैम्पेन(Logo and Campaign) लॉन्च किया था। 'भारत जोड़ो यात्रा' कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक होगी। यात्रा के दौरान यह पैदल यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। क्लिक करके पढ़ें-राहुल गांधी बता चुके हैं इसे अपनी तपस्या
जानिए किसने क्या कहा
इंदिरा गांधी जी के वक्त से ये (गुलाम नबी आज़ाद) इनर कैबिनेट के मेम्बर थे। आज भी सोनिया गांधी के बहुत करीब थे। बड़ा अफसोस है मुझे कि ऐसा क्या हो गया कि इन्हें इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, श्रीनगर
हमने (गुलाम नबी) आजाद साहब का (इस्तीफे का) पत्र देखा। दु:ख की बात है कि उन्होंने ऐसे समय में कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया, जब कांग्रेस देश भर में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, ध्रुवीकरण की लड़ाई लड़ने जा रही है। दु:ख की बात है कि वे इस लड़ाई में हिस्सा नहीं बन रहे। कांग्रेस नेता अजय माकन
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