कोरोना: रैपिड टेस्ट किट के इस्तेमाल पर 2 दिन के लिए रोक, संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 17.48%

Published : Apr 21, 2020, 04:29 PM ISTUpdated : Apr 21, 2020, 06:09 PM IST
कोरोना: रैपिड टेस्ट किट के इस्तेमाल पर 2 दिन के लिए रोक, संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 17.48%

सार

भारत में अब तक कोरोना के 18601 पॉजिटिव केस मिले हैं। वहीं अब तक 3252 लोगों को ठीक किया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, पिछले 24 घंटे में 705 लोग ठीक हुए हैं। कोरोना के खिलाफ लोगों के ठीक होने का प्रतिशत 17.48% है।

नई दिल्ली. भारत में अब तक कोरोना के 18601 पॉजिटिव केस मिले हैं। वहीं अब तक 3252 लोगों को ठीक किया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, पिछले 24 घंटे में 705 लोग ठीक हुए हैं। कोरोना के खिलाफ लोगों के ठीक होने का प्रतिशत 17.48% है। 

61 जिलों में 14 दिन से कोई नया केस नहीं आया

लव अग्रवाल ने बताया, 3 जिलों में पिछले 28 दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है, इसमें एक नया जिला प्रतापगढ़, राजस्थान शामिल हुआ है। देश में 61 ऐसे जिले हैं जिनमें पिछले 14 दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। 

राज्य सरकारें दो दिन तक न करें रैपिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल

आईसीएमआर ने राज्यों को दो दिनों के लिए रैपिड टेस्टिंग किट का उपयोग नहीं करने की सलाह दी। रिजल्ट में बहुत भिन्नताएं आ रहीं थीं, जिसके चलते ऑन ग्राउंड टीमों द्वारा किट परीक्षण के बाद 2 दिनों में एडवाइजरी जारी की जाएगी। 

रैपिड टेस्टिंग किट पर रोक क्यों लगाई?

आईसीएमआर ने कहा, आईसीएमआर ने कहा- पॉजिटिव सैंपल्स में वेरिएशन ज्यादा आ रहे हैं। अगले दो दिनों में आईसीएमआर के 8 इंस्टीट्यूट फील्ड में जाकर परीक्षण करेंगे। इसके बाद नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने रैपिड टेस्ट किट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि यह एक नई बीमारी है पिछले साढ़े तीन महीनों में विज्ञान ने विकास किया है और हमने PCR टेस्ट भी शुरू किए। 5 टीके मानव परीक्षण फेज में चले गए हैं। यह पहले कभी किसी अन्य बीमारी के मामले में नहीं हुआ। 

4,49,810 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं

4,49,810 सैंपलों का अब तक टेस्ट किया जा चुका है। कल 35,852 सैंपलों का टेस्ट किया गया जिनमें से 29,776 सैंपल का टेस्ट 201 ICMR नेटवर्क लैब में और बाकी 6,076 सैंपलों का टेस्ट 86 निजी प्रयोगशालाओं में किया गया। 

डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स के लिए बना डाटा बेस

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि covidwarriors.gov.in नाम से एक वेबसाइट बनाई गई है, इसमें डॉक्टर्स, हेल्थ वर्कर्स और वॉलेंटियर्स का नाम शामिल किया गया है। अब तक इसमें 1 करोड़ 24 लाख मानव संसाधनों की डिटेल्स आ गई हैं। इसमें जिला और राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर्स के नंबर और डिटेल्स है। 20 श्रेणियों और 49 उप-श्रेणियों में कोरोना योद्धाओं का विवरण पोर्टल पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उपलब्ध हैं। कुछ इंडिविज्युल लेवल का डाटा सिर्फ जिला मजिस्ट्रेट और म्युनिसिपल बॉडीज़ और स्टेट गवर्नमेंट के अधिकारी ही देख पाएंगे बाकी जो डाटा है वो पब्लिक डोमेन में है उसे सभी लोग देख सकते हैं।

कोरोना की ट्रेनिंग के लिए वेबसाइट

कोरोना की ट्रेनिंग के लिए igot.gov.in नाम का पोर्टल बनाया गया है।

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