
जम्मू. एक साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती रिहा कर दिया गया। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इसकी पुष्टि भी की है। उन्हें 5 अगस्त 2020 को हिरासत में लिया गया था। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद कश्मीर के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसमें महबूबा मुफ्ती भी शामिल थीं। उन्हें राज्य में दंगे भड़काने की आशंका के चलते हिरासत में लिया था।
5 अगस्त 2019 से थीं हिरासत में
महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त 2019 में हिरासत में लिया गया था। महबूबा समेत राज्य के तमाम बड़े नेताओं को इसी दिन हिरासत में लिया गया था। इस दिन केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया था। इसके बाद इसी साल फरवरी में उन्हें पीएसए के तहत बंदी बनाया गया था। मुफ्ती के अलावा कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला समेत राज्य के तमाम नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, धीरे धीरे करके सभी को रिहा कर दिया गया।
उमर अब्दुल्ला ने भी जाहिर की खुशी
महबूबा की रिहाई की खबर पर उनके राजनीतिक विरोधी उमर अब्दुल्ला ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'करीब एक साल से ज्यादा समय से हिरासत में चल रहीं महबूबा मुफ्ती साहिबा की रिहाई की खबर सुनकर मैं बेहद खुश हूं। उनकी लगातार बढ़ती हिरासत एक त्रासदी थी और लोकतंत्र के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ थी। आपका स्वागत है महबूबा।'
उमर, फारूक, महबूबा समेत हिरासत में थे कई बड़े नेता
बीते साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही एहतियातन पीएसए के तहत 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से ज्यादातर लोगों को अब रिहा कर दिया गया है। कुछ लोगों को इस शर्त पर रिहाई दी गई कि वे कोई भी राजनीतिक बयान जारी नहीं करेंगे। हिरासत में लिए गए लोगों में मुफ्ती के अलावा घाटी के प्रमुख बड़े नेता उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला भी शामिल थे। महबूबा को उनके आधिकारिक आवास फेयरव्यू बंगले में हिरासत में रखा गया था। हिरासत के साथ ही प्रशासन ने इस बंगले को उपजेल घोषित किया था।
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