
नई दिल्ली. ऑटोमेटिक टोल प्लाजा पेमेंट सिस्टम फास्टैग (FASTag) आज से अनिवार्य हो गया है। केंद्र सरकार ने अपने एक बयान में पहले ही जानकारी दे दी थी। जिन लोगों की गाड़ियों में FASTag नहीं होगा या जिनका फास्टैग काम नहीं कर रहा होगा, उन्हें उस कैटेगरी की गाड़ी के लिए दोगुना शुल्क देना होगा।
सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा में सभी शुल्क लेन टैग रीड करने में सक्षम होंगे। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि फास्टैग का उपयोग करने की समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और वाहन मालिकों को तुरंत ई-भुगतान सुविधा का उपयोग करना चाहिए।
2016 में फास्टैग की व्यवस्था शुरू हुई थी
फास्टैग की व्यवस्था साल 2016 में शुरू हुई थी। चार बैंकों ने कुल एक लाख फास्टैग जारी किए थे। 2017 तक फास्टैग की संख्या बढ़कर सात लाख हो गई जबकि 2018 में 34 लाख से ज्यादा फास्टैग जारी किए गए थे। अब ट्रांसपोर्ट व्हीकल के फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्यूअल फास्टैग लगे होने पर ही होगा। गडकरी ने कहा कि सरकार ने FASTag की पंजीकरण तारीख की सीमा को पहले कई बार बढ़ाया। अब इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
फास्टैग कहां और कितने का मिलेगा?
देश के किसी भी टोल प्लाजा से फास्टैग खरीद सकते हैं। इसके अलावा ICICI बैंक, HDFC, SBI, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक की ब्रांच से भी खरीद सकते हैं। पेटीएम, गूगल पे, अमेजन से भी फास्टैग खरीद सकते हैं। सभी जगहों पर अलग-अलग ऑफर है। फॉस्टैग खरीदते समय आपके पास आईडी प्रूफ और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट जरूरी है।
फॉस्टैग की वन टाइम फीस 200 रुपए है। रि-ईश्यू करने की फीस 100 रुपए और रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट 200 रुपए है। एक बार खरीदा गया फॉस्टैग स्टीकर पांच साल के लिए वैलिड होगा।
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