NEET Paper Leak Case: WhatsApp, Telegram और Coaching Network से फैला पेपर? CBI जांच में सामने आईं चौंकाने वाली कड़ियां

Published : May 14, 2026, 08:01 PM IST
CBI Uncovers Multi State WhatsApp and Coaching Network in NEET UG 2026 Paper Leak Investigation

सार

CBI NEET Investigation: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। WhatsApp, Telegram और कोचिंग नेटवर्क के जरिए पेपर कई राज्यों तक पहुंचाया गया। साइबर यूनिट IP एड्रेस और डिलीट चैट्स खंगाल रही है।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब केवल एक एग्जाम विवाद नहीं रह गई है. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें खुलती जा रही हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी Central Bureau of Investigation की शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जो बताते हैं कि यह केवल एक स्थानीय लीक नहीं बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित नेटवर्क हो सकता है.

जांच एजेंसियों को मिले डिजिटल फुटप्रिंट, सोशल मीडिया चैट, बैंक डिटेल्स और संपर्कों की कड़ियां इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही हैं. CBI अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि आखिर देश की सबसे संवेदनशील परीक्षाओं में शामिल NEET का पेपर परीक्षा से पहले छात्रों तक कैसे पहुंचा.

यह भी पढ़ें: सीजफायर के बाद बढ़ा नया खतरा! UAE पर मंडरा रहा ईरान का गुस्सा, इजराइल कनेक्शन ने बढ़ाई टेंशन

पुणे से शुरू होकर कई राज्यों तक पहुंची पेपर लीक की चेन

CBI की पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र सबसे पहले पुणे से खरीदा गया और फिर राजस्थान, हरियाणा तथा महाराष्ट्र तक फैलाया गया. सूत्रों के अनुसार लीक पेपर की हार्ड कॉपी नासिक के शुभम खेमर से हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव तक पहुंची. इसके बाद यह राजस्थान के सीकर तक पहुंचा, जहां से इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कोचिंग नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में फैलाया गया. जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर को केवल फॉरवर्ड नहीं किया गया, बल्कि इसे सुनियोजित तरीके से अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया गया.

WhatsApp और Telegram ग्रुप बने जांच का केंद्र

CBI अब उन डिजिटल रास्तों की जांच कर रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर पेपर शेयर किया गया. जांच एजेंसी ने आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं. इन डिवाइसों को आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए Central Forensic Science Laboratory भेजा गया है. एजेंसी की कोशिश है कि डिलीट किए गए WhatsApp और Telegram चैट्स को दोबारा रिकवर किया जा सके. जांच अधिकारी अब मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया ग्रुप्स और IP एड्रेस के जरिए यह पता लगाने में जुटे हैं कि पेपर किन-किन लोगों तक पहुंचा और किस लोकेशन से उसे आगे भेजा गया.

सीकर से जुड़े नामों पर बढ़ी जांच

CBI की जांच में सामने आया है कि मांगीलाल और दिनेश नाम के दो भाइयों की इस मामले में कथित भूमिका सामने आई है. सूत्रों के अनुसार दिनेश एक राजनीतिक संगठन से भी जुड़ा बताया जा रहा है. आरोप है कि दिनेश ने पैसे लेकर यश यादव से “गेस पेपर” हासिल किया और बाद में सीकर में नकद रकम लेकर करीब 10 छात्रों को बेचा. जांच में यह भी सामने आया है कि विकास, जो दिनेश का बेटा बताया जा रहा है, सीकर में NEET की तैयारी कर रहा था और उसके दोस्तों तक भी यह कथित पेपर पहुंचाया गया. हालांकि जांच एजेंसियां अभी सभी आरोपों की पुष्टि और डिजिटल सबूतों का मिलान कर रही हैं.

CBI की साइबर यूनिट IP एड्रेस ट्रैक करने में जुटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI की साइबर टीम अब तकनीकी जांच पर खास फोकस कर रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस समय चैट या मैसेज भेजे गए, उस समय संबंधित यूजर की लोकेशन क्या थी. इसके लिए IP एड्रेस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मदद ली जा रही है. CBI गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद कॉमन नंबरों की भी अलग सूची तैयार कर रही है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह नेटवर्क पहले से किसी बड़े संगठित गिरोह के तौर पर काम तो नहीं कर रहा था.

बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी जांच

सूत्रों के मुताबिक CBI ने आरोपियों की बैंक डिटेल्स जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे हैं. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर बेचने या खरीदने के बदले किस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए. इसके अलावा उन लोगों की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच हो रही है, जो परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर शामिल थे.

NTA अधिकारियों से भी पूछताछ

पेपर लीक का स्रोत तलाशने के लिए CBI ने National Testing Agency के अधिकारियों से भी लंबी पूछताछ की है. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने पेपर तैयार करने, छपाई, सुरक्षित स्टोरेज और अलग-अलग राज्यों तक पेपर पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़े लोगों की जानकारी मांगी है. बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनकी जिम्मेदारी परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने की थी. अब उनकी कॉल डिटेल्स, बैंक रिकॉर्ड और संदिग्धों से संपर्क की जांच की जा रही है.

छात्रों से भी पूछताछ जारी

CBI उन छात्रों से भी पूछताछ कर रही है, जिन तक कथित तौर पर लीक पेपर पहुंचा था. जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि पेपर किस फॉर्मेट में भेजा गया, उसे PDF में किसने बदला और पासवर्ड प्रोटेक्टेड फाइल्स किन ग्रुप्स में शेयर की गईं. जांच अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर डिजिटल डेटा रिकवरी के बाद और साफ हो सकती है.

परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लाखों छात्र सालों की मेहनत और उम्मीदों के साथ इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन ऐसे विवाद छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर करते हैं.

यह भी पढ़ें: NEET Paper Leak होने के बाद टूटे छात्र ने चुनी मौत! सुसाइड नोट पढ़कर हिल जाएंगे आप

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

West Bengal News: पोस्ट पोल हिंसा पर सियासत तेज! अग्निमित्रा पॉल ने खोली ममता सरकार की पोल
Fuel Saving: मोदी की अपील पर 'बुलेट राजा' बने CM फडणवीस, पहली बार दिखीं ऐसी तस्वीरें और वीडियो