Petrol Diesel Price Hike : क्या फिर बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? सामने आई बड़ी वजह ? पश्चिम एशिया के संकट से क्यों बढ़ी भारत की चिंता? क्या आने वाला है महंगाई का नया तूफान? एक्सपर्ट की बड़ी चेतावनी क्या?
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर जल्द ही आपके घर के बजट पर दिख सकता है। इसकी वजह है पश्चिम एशिया में चल रहा संकट, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। यह कहना है इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट मनोरंजन शर्मा का।

जरूर पढ़ें एक्सपर्ट की बड़ी चेतावनी
- ANI से बात करते हुए शर्मा ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। सरकार ने भले ही उपभोक्ताओं को बचाने की कोशिश की हो, लेकिन अब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना मुश्किल है।
- शर्मा ने कहा, "पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। हम सब जानते हैं कि दुनिया इस वक्त एक बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, खासकर पश्चिम एशिया संकट के बाद।"
- उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। भारत के लिए यह एक बड़ी चुनौती है क्योंकि देश अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल इसी रास्ते से आयात करता है।
- उन्होंने कहा, "भारत जो तेल आयात करता है, उसका लगभग 60 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से ही आता है।"
इसलिए और बढ़ेंगे भारत में पेट्रोल के दाम
- कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी पर बात करते हुए शर्मा ने कहा कि जब यह संकट शुरू हुआ था, तब तेल लगभग 67-68 डॉलर प्रति बैरल पर था, लेकिन अब कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।
- उन्होंने बताया, "जब युद्ध शुरू हुआ, तो तेल की कीमत करीब 67 या 68 डॉलर प्रति बैरल थी। अब ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल पर है, और स्पॉट कीमतों की बात करें तो यह 120 या 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।"
- शर्मा के मुताबिक, सरकार ने आम आदमी पर पड़ने वाले असर को कम करने की कोशिश की है, लेकिन वैश्विक ऊर्जा संकट के सामने सरकार भी एक सीमा तक ही कुछ कर सकती है।
आम आदमी के घर पर होगा सीधा असर
- शर्मा ने कहा, "सरकार ने आम आदमी को बचाने की कोशिश की है, लेकिन सरकार क्या कर सकती है, इसकी भी एक सीमा है।"
- उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से ईंधन की कीमतें "धीरे-धीरे और सधे हुए तरीके से" बढ़ रही हैं और चेतावनी दी कि इसका असर घरों पर पड़ना तय है।
- शर्मा ने बताया, "जाहिर है, इससे घरेलू बजट पर असर पड़ेगा, परिवारों को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन इससे बचना मुश्किल है क्योंकि यह एक वैश्विक मुद्दा है जो भारत में नीति निर्माताओं, योजनाकारों और यहां तक कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के भी नियंत्रण में नहीं है।"


