
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला 20 अक्टूबर को दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने माथे पर तिलक लगाया और भगवा पगड़ी भी पहनी। उनका बदला अंदाज देखकर हर कोई हैरान था। खास बात ये है कि अब्दुल्ला ने रामायण से जुड़ा राम-रावण का एक प्रसंग भी सुनाया। हालांकि, इस दौरान वो एक भारी गलती कर बैठे। इससे पहले फारुक अब्दुल्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक खास राजनीतिक पार्टी को जिताने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कदम उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत पर भी जोर दिया। अब्दुल्ला के मुताबिक, पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल होते थे, लेकिन अब उन्हें इस प्रक्रिया से हटा दिया गया है।