भारतीय पासपोर्ट बिल्कुल बेकार... कारोबारी का पोस्ट वायरल, बोले- US Visa ही क्यों बने शॉर्टकट?

Published : Sep 23, 2026, 03:55 PM IST
Indian Passport Viral Post

सार

Indian Passport Viral Post: भारतीय पासपोर्ट को लेकर एक कारोबारी की पोस्ट वायरल हो रही है। इस पोस्ट में उन्होंने भारतीय पासपोर्ट को लेकर सवाल उठाएं हैं। पूछा कि US Visa को शॉर्टकट बताने के पीछे क्या वजह है और भारतीयों के लिए यात्रा मुश्किल क्यों है? जानिए पूरी डिटेल।

Visa Rules for Indians: भारत के उद्यमी जितेंद्र एम्मानी की सोशल मीडिया पोस्ट ने भारतीय पासपोर्ट की ग्लोबल मोबिलिटी पर बहस छेड़ दी है। उन्होंने वीजा प्रक्रिया, टैक्स और विदेश यात्रा में भारतीय पासपोर्ट से मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर यहां तक लिख दिया कि भारतीय पासपोर्ट बिल्कुल बेकार है। जानिए ऐसा क्यों कहा और क्या है पूरा मामला?

‘पासपोर्ट बिल्कुल बेकार’, पोस्ट पर शुरू हुई बहस

हैदराबाद के उद्यमी और CozyFarms.in के संस्थापक जितेंद्र एम्मानी ने 22 सितंबर को X पर लिखा कि भारतीय पासपोर्ट के साथ अच्छी जगहों की यात्रा के लिए अक्सर वीजा का लंबा इंतजार और बड़ी मात्रा में डॉक्यूमेंट्स देने पड़ते हैं। उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाया कि आखिर भारतीय यात्रियों के लिए अमेरिकी वीजा इतना अहम क्यों हो जाता है।

एम्मानी ने यह भी दावा किया कि वह हर साल करीब 75 लाख से 1 करोड़ रुपये तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टैक्स देते हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई खास स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय फायदा महसूस नहीं होता।

भारतीय पासपोर्ट की मौजूदा स्थिति क्या है?

पासपोर्ट की ताकत को आम तौर पर इस आधार पर देखा जाता है कि उसका धारक कितने देशों या क्षेत्रों में पहले से वीजा लिए बिना जा सकता है। Henley Passport Index के मुताबिक 2026 में दुनिया के 199 पासपोर्ट और 227 डेस्टिनेशन की तुलना की गई है। इसमें वीजा-फ्री के साथ वीजा-ऑन-अराइवल और कुछ इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉराइजेशन को भी बिना पूर्व वीजा वाली पहुंच में गिना जाता है। 2026 के इंडेक्स में सिंगापुर सबसे ऊपर है और उसके पासपोर्ट से 192 डेस्टिनेशन तक बिना पहले वीजा के पहुंच मिलती है। वहीं अमेरिका 10वें स्थान पर है।

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US Visa को ‘शॉर्टकट’ क्यों मानते हैं?

एम्मानी का सवाल सिर्फ भारतीय पासपोर्ट तक सीमित नहीं है। असल मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मोबिलिटी और वीजा नीतियों का है। अलग-अलग देशों के बीच वीजा-छूट अक्सर कूटनीतिक रिश्तों, सुरक्षा, प्रवासन, आर्थिक संबंधों और पारस्परिक नीतियों पर निर्भर करती है। इसलिए मजबूत पासपोर्ट सिर्फ नागरिकों की आर्थिक स्थिति का परिणाम नहीं होता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंध भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। Henley भी पासपोर्ट की गतिशीलता को बदलती वीजा नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जोड़ता है। नीचे देखें वायरल पोस्ट-

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यही वजह है कि भारतीय पासपोर्ट की वीजा प्रक्रिया को लेकर एम्मानी की पोस्ट ने Indian Passport, Visa-Free Travel और Global Mobility जैसे मुद्दों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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