
Iran-America Talk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर जरूर हुआ है, लेकिन हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। जंग थमी जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुई और इसी बीच एक नई रिपोर्ट ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intel) के मुताबिक, चीन जल्द ही ईरान को एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम भेज सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ एक सप्लाई नहीं बल्कि पूरे युद्ध का समीकरण बदल सकता है।
सीजफायर के बावजूद अमेरिका ने अपने सैन्य जहाज और फोर्सेज ईरान के आसपास तैनात रखे हैं। वहीं, ईरान भी चुप नहीं बैठा, बल्कि रिपोर्ट्स के अनुसार वह इस 'शांति' के समय का इस्तेमाल अपने हथियार सिस्टम मजबूत करने में कर सकता है।
CNN की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन, ईरान को MANPADS (Shoulder-fired air defence missiles) भेज सकता है। ये ऐसे खतरनाक हथियार हैं, जो लो-फ्लाइंग फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर्स को आसानी से निशाना बना सकते हैं। रिपोर्ट्स ये भी दावा करती हैं कि हाल ही में अमेरिकी F-15E जेट और Black Hawk हेलीकॉप्टर को गिराने में इसी तरह के सिस्टम का इस्तेमाल हुआ।
चीन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि, टहमने किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं, अमेरिका बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।' लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है कि अगर नहीं भेज रहा, तो अमेरिका इतना अलर्ट क्यों है? जानकार मानते हैं कि चीन का सीधा मकसद जंग में कूदना नहीं है, बल्कि ईरान को एक मजबूत रणनीतिक सहयोगी बनाना है। इसके पीछे बड़ी वजहें हैं कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है। वह ईरान से 80% तक तेल खरीदता है। पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच ईरान के लिए चीन सबसे बड़ा सहारा है। यानी यह सिर्फ युद्ध नहीं, इकोनॉमिक और पावर गेम भी हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ चीन ही नहीं, रूस भी ईरान की मदद कर रहा है। रूस Verba मिसाइल सिस्टम देने की तैयारी में है। यह दुनिया के सबसे एडवांस पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है, यानी ईरान को दो बड़ी ताकतों का सपोर्ट मिल सकता है।
अगर चीन सच में ईरान को हथियार देता है, तो अमेरिका इसे बड़ा उकसावा मान सकता है, सीजफायर टूट सकता है और मिडिल ईस्ट में फिर से बड़ा युद्ध भड़क सकता है। इधर पाकिस्तान में चल रही सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चेतावनी देते हुए साफ संकेत दिया है कि अगर बातचीत फेल होती है, तो अमेरिका कड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर भरोसा करना मुश्किल है और हालात कभी भी बदल सकते हैं। पाकिस्तान में हो रही त्रिपक्षीय बातचीत (US-ईरान-पाकिस्तान) भी देरी और अविश्वास के कारण उलझती नजर आ रही है। ईरान ने यूएस के सामने कई शर्तें रखीं, जिन्हें अमेरिका ने ठुकरा दिया। यानी शांति की राह अभी भी काफी मुश्किल है।
इसे भी पढ़ें- Mojtaba Khamenei Health Update: चेहरे पर गंभीर चोट-एक पैर भी कटा?
इसे भी पढ़ें- ‘नो टोल ऑन होरमुज़': ईरान पर अब क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप? दे डाली नई धमकी
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।