
Trump Iran Energy Plant Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के एनर्जी और बिजली संयंत्रों पर हमले अब 6 अप्रैल 2026 तक टाले गए हैं। यह फैसला ईरानी सरकार के अनुरोध पर लिया गया है। ट्रंप ने कहा कि “बातचीत बहुत अच्छी चल रही है” और इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने का यह कदम माना जा रहा है।
ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरानी सरकार के अनुरोध के अनुसार, एनर्जी प्लांटों को नष्ट करने की योजना 10 दिनों के लिए टाल दी गई है। इसका मतलब साफ है कि दोनों देशों के बीच किसी न किसी स्तर पर बैकचैनल कूटनीति यानी गुप्त बातचीत हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 10 दिन की रोक सिर्फ अस्थायी तनाव कम करने का उपाय हो सकता है या आगे चलकर किसी बड़े संघर्ष-विराम (ceasefire) का रास्ता भी खोल सकता है।
जी हाँ। 22 मार्च को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में ईरान ने 48 घंटे में सहयोग नहीं किया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा। बाद में, बातचीत की प्रगति का हवाला देते हुए, उन्होंने हमलों में पाँच दिन की देरी की थी। अब यह रोक 10 दिन की हो गई है।
ईरान ने भी इस क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की थी। लेकिन अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनकी सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। उनका रुख साफ है: लड़ाई जारी रहेगी, और भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ गारंटी और नुकसान की भरपाई की मांग करेंगे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रोक बैकचैनल कूटनीति के लिए अवसर प्रदान कर सकती है। अमेरिका और इज़राइल ने पहले ईरान पर हफ्तों तक हमले किए, जिनका उद्देश्य ईरान की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर करना था। अब 10 दिन की रोक से संघर्ष को बड़े युद्ध में बदलने से रोका जा सकता है, लेकिन यह सिर्फ अस्थायी भी हो सकता है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान “समझौता करने के लिए मिन्नतें कर रहा है” और बातचीत में शामिल होना चाहिए। वहीं ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका इरादा अभी भी लड़ाई जारी रखने का है। यह स्थिति मिडिल ईस्ट में तनाव को बढ़ा भी सकती है और कूटनीतिक हल की उम्मीद भी जगा सकती है।
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