
US Sanctions On Iran: ईरान पर अमेरिकी दबाव अब आर्थिक मोर्चे पर निर्णायक दौर में पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान करते हुए वैश्विक नेताओं को अंतिम चेतावनी दी है। अमेरिका ने ईरान की 'आर्थिक जीवन रेखा' को पूरी तरह से काटने और उसे मदद पहुंचाने वाले देशों पर कड़े सेकेंडरी प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ आर्थिक लेनदेन करने या उसके तेल को पैसे में बदलने में मदद करने वाली संस्थाएं अब अमेरिकी निशाने पर होंगी। उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। उनके मुताबिक, प्रतिबंधों के मामले में अब किसी भी तरह का ‘ग्रे एरिया’ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दुनिया के नेताओं को संकेत दिया कि उन्हें अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर स्पष्ट फैसला करना होगा।
अमेरिका का डॉलर और वैश्विक वित्तीय तंत्र पर प्रभाव ईरान के लिए इस चेतावनी को बेहद गंभीर बनाता है। बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था के फायदे उठाते हुए ईरान की मदद करने की कोशिश करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। वॉशिंगटन का नया अभियान युद्ध के करीब छह महीने बाद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ाने की कोशिश है। अमेरिका का दावा है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य तेहरान की कमाई के संभावित रास्तों को बंद करना है।
#WATCH | Washington DC | US Treasury Secretary Scott Bessent says, "... The President is making phone calls to world leaders with specific request to cease their interactions with the regime, we are already seeing the results... Nations that facilitate any interactions with the… https://t.co/VguWPpZQm3 pic.twitter.com/jio6YGVf5Q
— ANI (@ANI) August 24, 2026
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान “पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है”। उन्होंने ईरान को आर्थिक और सैन्य बर्बादी के चक्र में फंसा हुआ देश बताया।
ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है और एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 2.02 मिलियन रियाल तक पहुंच गई। युद्ध से पहले भी ईरान दोहरे अंकों की महंगाई और कमजोर आर्थिक विकास से जूझ रहा था। युद्ध के बाद चावल की कीमत करीब 60% और बीफ की कीमत 150% से ज्यादा बढ़ने का दावा है। IMF के अनुमान के मुताबिक ईरान की GDP में 5% से अधिक गिरावट आ सकती है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।