
चीन की राजनीति और सेना में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। जिनपिंग ने अपनी सेना के उपाध्यक्ष जनरल झांग शेंगमिन को कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे ताकतवर नीतिगत संस्था पोलित ब्यूरो में जगह दे दी है। खास बात यह है कि इस नियुक्ति के लिए 2027 में होने वाली पार्टी कांग्रेस का इंतजार भी नहीं किया गया। चीन की सेना में लगातार हो रही बड़ी कार्रवाई और शीर्ष जनरलों की विदाई के बीच इस फैसले को जिनपिंग की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
झांग शेंगमिन का जन्म 1958 में चीन के शानक्सी प्रांत में हुआ था। उन्होंने 1978 में चीनी सेना में अपना करियर शुरू किया। सेना में उनकी पहचान एक अनुशासन अधिकारी के रूप में बनी। साल 2017 में उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग के अनुशासन निरीक्षण आयोग की जिम्मेदारी मिली। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए अभियान में अहम भूमिका निभाई।
शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले झांग को अक्टूबर 2025 में चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया था। अब पोलित ब्यूरो में जगह मिलने के बाद उनकी ताकत केवल सेना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पार्टी के शीर्ष फैसलों में भी उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
Some voices in Taiwan were unwilling to see this development. The Fifth Plenary Session of the 20th CPC Central Committee has concluded, with Zhang Shengmin elected as a member of the Political Bureau of the CPC Central Committee. This arrangement helps coordinate the building of the People’s Liberation Army at the top decision-making level of the Party Central Committee and steadily strengthen national defense capabilities. However, it does not mean military action will be taken to resolve the Taiwan question in the short run. China will continue to do its utmost with the greatest sincerity to pursue peaceful reunification and advance the peaceful development of cross‑Strait relations. At the same time, China never renounces the use of force and reserves all necessary options to respond to “Taiwan independence” provocation and foreign interference. As long as the “Taiwan independence” forces and outside actors do not cross the red line, the mainland will keep advancing toward peaceful reunification.
— Xi Min (@xmn110310726765) October 29, 2026
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चीन की सेना में पिछले कुछ समय से बड़े स्तर पर उथल-पुथल मची हुई है। केंद्रीय सैन्य आयोग के सात सदस्यों में से पांच को हटाया जा चुका है। इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग और झांग शेंगमिन ही आयोग में बचे हैं। इसका मतलब है कि झांग अब चीन की सैन्य व्यवस्था में सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में से एक बन गए हैं। जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में उनकी भूमिका ने उन्हें और मजबूत किया है। सेना के शीर्ष नेतृत्व में लगातार हो रही कार्रवाई ने चीन की सैन्य व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है।
झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में शामिल करना इसलिए भी असाधारण है, क्योंकि आमतौर पर इस संस्था के सदस्यों का चयन पार्टी कांग्रेस में होता है। चीन की अगली 21वीं पार्टी कांग्रेस 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में उससे पहले झांग को यह जिम्मेदारी देना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है। इस नियुक्ति से जिनपिंग ने सेना और पार्टी के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। हालांकि, इस फैसले का चीन की सैन्य नीति और आने वाले नेतृत्व बदलाव पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।
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