Adipurush: हरण के बाद रावण ने देवी सीता को अशोकावाटिका में क्यों रखा, अपने महल में क्यों नहीं?

Published : Jun 15, 2023, 04:36 PM IST
adipurush-why-ravan-kept-sita-in-ashok-vatika

सार

Adipurush: अवेटेड मूवी आदिपुरुष 16 जून, शुक्रवार को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को लेकर लोग काफी उत्साहित है। कुछ लोग लगातार इसे ट्रोल भी कर रहे हैं। मूवी में सुपर स्टार प्रभास श्रीराम का जबकि कृति सेनन देवी सीता का किरदार निभा रही है। 

उज्जैन. भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित मूवी आदिपुरुष (Adipurush) 16 जून, शुक्रवार को सीरिज होन वाली है। रिलीज के पहले ये फिल्म कई विवादों में घिर गई है। मूवी के एक सीन में रावण को देवी सीता का हरण करते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य को लेकर भी लोगों में तीखी प्रतिक्रिया है। ये बात तो सभी जानते हैं कि हरण करने के बाद रावण ने देवी सीता को अशोक वाटिका में रखा था, लेकिन उसने ऐसा क्यों किया, इसके बारे में कम ही लोगों को पता है। आगे जानिए देवी सीता को रावण ने अशोक वाटिका में ही क्यों रखा…

अशोक वाटिका कहां थी लंका में?
वाल्मीकि रामायण अनुसार, रावण की लंका जिस पहाड़ पर स्थित थी, उसका नाम त्रिकूट था, जिसकी 3 चोटियां थीं। इन तीनों चोटियों के नाम अलग-अलग थे। इनमें एस चोटी का नाम था सुंदर, जहां अशोक वाटिका स्थित थी। यहीं रावण को देवी सीता को हरण का बाद रखा था।

रावण ने किया था रंभा से दुराचार?
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, एक बार स्वर्ग की अप्सरा रंभा नलकुबेर से मिलने जा रही थी। जब रावण ने रंभा को देखा तो उस पर मोहित हो गया और बुरी नीयत से उसे रोक लिया। इस प्रकार रोके जाने पर रंभा ने रावण से काफी अनुनय-विनय की, लेकिन रावण नहीं माना और उसके साथ दुराचार किया।

नलकुबेर ने दिया था श्राप
रावण द्वारा रंभा के साथ दुराचार किए जाने की बात जब कुबेरदेव के पुत्र नलकुबेर को पता चली तो वह बहुत क्रोध हो गया और उसने उसी समय रावण को श्राप दिया कि “ यदि रावण ने अब किसी भी स्त्री को बिना उसकी स्वीकृति के बिना अपने महल में रखा या उसके साथ दुराचार किया तो वह उसी क्षण भस्म हो जाएगा।” यही कारण था कि रावण ने देवी सीता को महल में न रखते हुए अशोका वाटिका में रखा था।


ये भी पढ़ें-

Adipurush: पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने कौन-सा यज्ञ किया था, कैसे दिखते थे भगवान श्रीराम? जानें वाल्मीकि रामायण से


Jagannath Rath Yatra 2023: भगवान जगन्नाथ का रथ बनाने में कब और कैसे करते हैं सोने की कुल्हाड़ी का उपयोग?


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Mahashivratri ki Hardik Shubhkamnaye: शिव सत्य हैं, शिव अनंत हैं... अपनों को भेजें बेस्ट हैप्पी महाशिवरात्रि विशेज
Happy Mahashivratri 2026 Wishes: ओम नमः शिवाय के साथ भेजें भक्ति संदेश