गोगा नवमी 28 अगस्त को, इस दिन किसकी करें पूजा? जानें हर बात

Published : Aug 25, 2024, 02:09 PM ISTUpdated : Aug 27, 2024, 11:16 AM IST
Goga-Navmi-2024

सार

Goga Navmi 2024: भाद्रपद मास जन्माष्टमी के दूसरे दिन गोगा नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गोगादेव की पूजा की जाती है। गोगादेव राजस्थान के लोकदेवता हैं, इनकी पूजा मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में भी होती है। 

Goga Navmi 2024 Details: हिंदू धर्म में कईं लोक देवताओं की मान्यता है, गोगादेव भी इनमें से एक हैं। हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को गोगा नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गोगादेव की पूजा मुख्य रूप की जाती है। वैसे तो गोगादेव राजस्थान के लोकदेवता है, लेकिन अन्य प्रदेशों में भी इनके काफी भक्त रहते हैं। मान्यता है कि जो गोगादेव की पूजा करता है, उसे सर्प भय से मुक्ति मिलती है। आगे जानिए कब है गोगा नवमी और इससे जुड़ी खास बातें…

कब है गोगा नवमी 2024? (Kab Hai Goga Navmi 2024)
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि 26 अगस्त, सोमवार की रात 02 बजकर 20 मिनिट से शुरू होगी, जो 27 अगस्त, मंगलवार की रात 01 बजकर 33 मिनिट तक रहेगी। चूंकि 27 अगस्त के पूरे दिन नवमी तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन गोगा नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

जानिए कौन थे गोगादेव? (Koun The Gogadev)
- गोगदेव से जुड़ी अनेक कथाएं राजस्थान में प्रचलित है। उसके अनुसार, गोगादेवजी विक्रम संवत 1003 में चौहान राजवंश में हुआ था।
- जिस दिन गोगादेव का जन्म हुआ, उस दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि थी, इसलिए हर साल इसी दिन गोगा नवमी का पर्व मनाते हैं।
- गोगादेव के पिता ठाकुर जेवरसिंह और माता बाछल कंवर था। गोगदेव के कईं नाम हैं जैसे गोगाजी, गुग्गा वीर, जाहर वीर आदि।
- गोगादेव गुरु गोरखनाथ के परम शिष्य भी थे। इन्हें सांपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। इनकी पूजा से सर्प भय नहीं रहता।
- हर साल गोगा नवमी पर राजस्थान के गोगामेढ़ी में मेला लगता है, जहां सभी धर्म के लोग गोगादेव की पूजा करते हैं।
- जो व्यक्ति गोगादेव की पूजा पूरी श्रद्धा और भक्ति से करता है, उसे योग्य संतान की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है।

कैसे करें गोगादेव की पूजा (gogadev Puja Vidhi)
- गोगा नवमी की सुबह यानी 27 अगस्त, मंगलवार को स्नान आदि करने के बाद गोगादेव की प्रतिमा या तस्वीर साफ स्थान पर स्थापित करें।
- सबसे पहले गोगादेव को रोली, चावल, पुष्प, गंगाजल चढ़ाएं। इसके बाद खीर, चूरमा, या हलवे का भोग लगाएं। चने की दाल भी चढ़ाएं।
- इसके बाद दीपक जलाएं, फूलों का हार पहनाएं। मन में जो भी इच्छा हो, वो बोलें। गोगदेव हर इच्छा पूरी करते हैं।
- जो भी सच्चे मन से नागों के देव गोगा जी महाराज की पूजा करते हैं उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


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इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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