ramadan 2025: इस्लाम को मानने वालों के लिए रमजान का महीना बहुत ही पाक यानी पवित्र होता है। इस महीने में मुस्लिम संप्रदाय के लोग रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इस महीने में कुछ खास नियमों का पालन जरूरी माना गया है।
ramadan 2025 rules: रमजान मास का इंतजार हर मुस्लिम को होता है। इस महीने को इस्लाम में बहुत ही पवित्र माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इसी महीने में कुरान की आयतें धरती पर आई थीं। इसलिए इस महीने में मुस्लिम संप्रदाय के लोग रोजे यानी उपवास रखकर खुदा की इबादत करते हैं। इस बार रमजान की शुरूआत 1 मार्च, शनिवार से हो रही है। जानें इस महीने से जुड़ी खास बातें…
इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मुहम्मद साहब थे। उनका जन्म सन् 570 ई. में हुआ माना जाता है। मुहम्मद साहब को कुरान की आयतें अल्लाह से उस समय मिलीं जब वे पूरी तरह ईश्वरीय प्रेरणा में डूबे हुए थे। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार ये आयतें देवदूतों के जरिए मुहम्मद साहब को मिली थीं। इन आयतों का संकलन ही कुरान है। ये आयतें मुहम्मद साहब को रमजान की महीने में ही प्राप्त हुई थीं, इसलिए ये महीना इतना पवित्र माना गया है।
1. रमजान के दौरान मुस्लिम समाज के लोग कठिन व्रत रखते हैं, जिसे रोजा कहते हैं। इसके अंतर्गत सुबह सूरज उगने से ढलने तक कुछ भी खाना-पीना हराम होता है। शाम को इफ्तारी के बाद में रोजा पूरा होता है।
2. रोजे का मतलब सिर्फ भूखा-प्यासा रहना ही नहीं होता बल्कि इस दौरान आंख, कान और जीभ का भी रोजा रखा जाता है। इसका मतलब ये है कि कुछ बुरा न देखें, न बुरा सुनें और न ही बुरा बोलें। ऐसा करने से रोजा टूट जाता है।
3. रोजे के दौरान मन में किसी तरह के बुरे विचार नहीं आने चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि दांत में फंसा हुआ खाना जानबूझकर न निगलें, इससे भी रोजा टूट जाता है।
4. रोजे के दौरान थूक निगलना के भी मनाही है। रोजे के दौरान नियम से नमाज पढ़नी भी जरूरी होती है।
5. पीठ पीछे किसी की बुराई करने से भी रोजा टूट जाता है।
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