CG Climate Update: छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन योजना तेज, वृक्षारोपण और सोलर पहल पर फोकस

Published : Apr 28, 2026, 11:16 AM IST
chhattisgarh climate change plan

सार

छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया है। सीएसआर फंड के उपयोग, वृक्षारोपण, सोलर पंप, ई-वाहन और जैविक खेती को बढ़ावा देने जैसी पहल पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

रायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड का बेहतर उपयोग करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

स्टियरिंग समिति की बैठक में अहम निर्णय

छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना को लेकर गठित स्टियरिंग समिति की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव श्री विकासशील ने की। बैठक में राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, कार्ययोजना के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्बन क्रेडिट और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर चर्चा

बैठक में कार्बन क्रेडिट आधारित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श हुआ। विभागीय सचिवों के साथ जलवायु परिवर्तन से जुड़ी कार्ययोजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर चर्चा की गई। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन के कारणों और इसके नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण और हरित पहल

राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

  • "एक पेड़ माँ के नाम" योजना के तहत करीब 7 करोड़ पौधे लगाए गए।
  • किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत 3 करोड़ 68 लाख पौधारोपण किया गया।

आईएसएफआर 2025 के अनुसार राज्य में वन एवं वृक्ष-आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे अधिक है।

ई-वाहन, सोलर पंप और जैविक खेती को बढ़ावा

राज्य में जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को सोलर पंप वितरित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में लगभग 55,050 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली।

जल संसाधन प्रबंधन और नई पहल

राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाइड्रोलॉजिकल प्लानिंग की गई है। साथ ही 24 बड़े और मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूरा किया गया है। अधिकारियों ने राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र स्थापित करने का सुझाव भी दिया।

विभागों की भागीदारी और प्रस्तुति

बैठक में कृषि, वन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, उद्योग, ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यापक सहभागिता

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई वरिष्ठ अधिकारी जुड़े, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, ऊर्जा, परिवहन और अन्य विभागों के सचिव शामिल थे। साथ ही नाबार्ड, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, कृषि विश्वविद्यालय और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

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