Chhattisgarh News: नक्सल प्रभावित सुकमा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार

Published : Apr 08, 2026, 03:52 PM IST
Chhattisgarh mukhyamantri gramin bus yojana

सार

सुकमा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बड़ा बदलाव आया है। अब दूरस्थ गांवों के लोग आसानी से शहर पहुंच पा रहे हैं। बेहतर सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सरकारी पहल से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

रायपुर। एक समय था जब नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुकमा जिले के कई गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़े थे। यहां के ग्रामीण अपने ही क्षेत्र तक सीमित रहने को मजबूर थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। माओवाद के प्रभाव में कमी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की जनहितकारी योजनाओं ने इन इलाकों में विकास की नई शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बढ़ी कनेक्टिविटी और सुविधा

इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना है। इस योजना ने वनांचल और दूरस्थ गांवों के लोगों के जीवन को आसान बना दिया है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के लोग अब आसानी से दोरनापाल तक पहुंच पा रहे हैं। पहले जहां इन गांवों से मुख्य सड़क तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती थी, वहीं अब बस सेवा ने इस समस्या को खत्म कर दिया है।

पहले 10 किमी पैदल, अब आसान सफर: ग्रामीणों की बदली जिंदगी

पहले ग्रामीणों को बस पकड़ने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी कूड़ाम जोगा बताते हैं कि उन्हें चिंतलनार तक पैदल जाना पड़ता था। कई बार बस छूट जाती थी, जिससे पूरा दिन खराब हो जाता था और जरूरी काम अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा शुरू होने से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है। ग्रामीण अब समय पर अपने काम निपटाकर उसी दिन सुरक्षित घर लौट आते हैं।

दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ रही बस सेवा

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के पास से बसें गुजर रही हैं। इससे ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल, शिक्षा और रोजगार के लिए शहर तक पहुंचना आसान हो गया है। यह सुविधा खासकर महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और मजदूरों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

नक्सल भय खत्म, अब रोजगार और शिक्षा के नए अवसर

पहले जहां नक्सलियों के डर से लोग घर से बाहर निकलने से कतराते थे, वहीं अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण वे निडर होकर शहरों की ओर जा रहे हैं। बस सेवा ने न केवल यात्रा को आसान बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी है। अब लोग रोजगार, व्यापार, पढ़ाई और इलाज के लिए बिना डर के आ-जा रहे हैं।

सरकार की पहल से बढ़ा विश्वास और आर्थिक गतिविधियां

इरकमपल्ली के निवासी मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और आर्थिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं।

10 बसें और ‘हक्कुम मेल’ सेवा से मजबूत हुआ परिवहन नेटवर्क

कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार, नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से चल रही हैं। बस सेवा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है और तीन साल तक रोड टैक्स में छूट भी प्रदान की गई है।

सुकमा में बदलाव की नई पहचान: सुरक्षा, विश्वास और विकास

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं रही, बल्कि यह सुकमा जिले में सुरक्षा, भरोसा और विकास का प्रतीक बन गई है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर यह क्षेत्र अब तेजी से प्रगति और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। अब हर सफर नई उम्मीदों और अवसरों की ओर ले जा रहा है।

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Today Weather in Delhi: रांची-रायपुर में तूफान-बारिश, पटना-पुणे में 37°C गर्मी! दिल्ली समेत 10 शहरों का वेदर अपडेट
Khelo India Tribal Games Wrestling Result: असम की देबी डायमारी की मेहनत रंग लाई, 62kg वर्ग में जीता सिल्वर मेडल