
रायपुर। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का मुख्यमंत्री निवास में सम्मान किया गया। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने के बाद उनके स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ज्ञानेश्वरी को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति देने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की मेहनत, प्रतिभा और संकल्प का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ही रजत पदक जीतकर असाधारण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर यह पदक अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगी। ज्ञानेश्वरी ने पूरे देश और प्रदेश को गौरवान्वित करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी के संघर्ष और समर्पण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। लगातार अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिश्रम के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी यह सफलता प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह उपलब्धि बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपनी इस बेटी पर गर्व है। इसी भावना के तहत राज्य सरकार ने उन्हें आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों को उचित सम्मान मिले और दूसरे खिलाड़ी भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित हों। यह फैसला प्रदेश के खेल जगत के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि ग्लासगो रवाना होने से पहले उन्हें ज्ञानेश्वरी यादव से मिलने का अवसर मिला था। उस दौरान उन्होंने उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने के बाद वीडियो कॉल के जरिए भी उन्होंने ज्ञानेश्वरी को बधाई दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनका सम्मान करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। आधुनिक खेल अधोसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा माहौल तैयार करना चाहती है जहां प्रदेश का हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने विश्वास जताया कि ज्ञानेश्वरी यादव भविष्य में भी अपने शानदार प्रदर्शन से भारत और छत्तीसगढ़ का नाम दुनिया भर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें अवसर देना और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना सरकार की खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में मदद करेंगे।
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