Yoga Day 2026: छत्तीसगढ़ की 33 जेलों में योग का महाअभियान, बंदियों ने सीखे तनाव मुक्ति के मंत्र

Published : Jun 21, 2026, 06:49 PM IST
chhattisgarh 33 jails yoga camp

सार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में योग शिविर आयोजित हुए। रायपुर केंद्रीय जेल में 650 बंदियों ने योग कर तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन का संदेश लिया।

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में उत्साह और उल्लास के साथ विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में बंदियों, जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन का संदेश दिया।

रायपुर केंद्रीय जेल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जेल महानिदेशक (डीजी) श्री हिमांशु गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल के कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रही है।

जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने बताया योग का वास्तविक महत्व

श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अपनी चेतना, सांसों और विचारों से जोड़ता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने आगे कहा कि योग की प्राचीन भारतीय पद्धति मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि आज विश्वभर में योग को अपनाया जा रहा है।

रायपुर केंद्रीय जेल में 650 बंदियों ने किया योगाभ्यास

केंद्रीय जेल रायपुर में आयोजित विशेष योग शिविर में पुरुष प्रकोष्ठ के लगभग 500 बंदियों और महिला प्रकोष्ठ की 150 महिला बंदियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन बड़े स्तर पर किया गया, जिसमें योग और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया। योग सत्र का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी योग प्रशिक्षक श्री अनिल अग्रवाल और उनकी टीम ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन के लिए कराया गया योग प्रशिक्षण

इस विशेष आयोजन का उद्देश्य बंदियों को मानसिक तनाव, अवसाद, नकारात्मक सोच और भावनात्मक दबाव जैसी समस्याओं से उबरने में सहायता प्रदान करना था। योग शिविर के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ व्यक्ति के व्यवहार और सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करता है।

ताड़ासन से लेकर कपालभाति तक कराया गया अभ्यास

योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन और पवनमुक्तासन जैसे प्रमुख योगासनों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान जैसी प्रक्रियाओं का भी अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित बंदियों को इन योग क्रियाओं से मिलने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी और उन्हें नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।

जेल प्रशासन और योग प्रशिक्षकों की रही विशेष मौजूदगी

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री सहित जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रशिक्षकों ने भी योग सत्र को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन का समापन स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन के संकल्प के साथ किया गया।

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Raigarh News: स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों ने रंगोली और क्विज से दिखाया राष्ट्रप्रेम, लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
Chhattisgarh Hareli Festival: CM साय बोले- किसान हैं प्रदेश की प्रगति की धुरी, हरेली पर दी बधाई