CG News: ‘डिजिटल एडिक्शन सबसे खतरनाक’, राज्यपाल रमेन डेका की छात्रों को चेतावनी- AI का इस्तेमाल सोच-समझकर करें

Published : Sep 12, 2026, 04:20 PM IST
Digital Addiction

सार

रायपुर के ICFAI विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 504 छात्रों को उपाधियां व 19 को गोल्ड मेडल मिले। राज्यपाल ने तकनीक के संतुलित उपयोग, सतत विकास और राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की भी अपील की।

रायपुर, 12 सितंबर 2026। राज्यपाल रमेन डेका शनिवार को आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025 और 2026 के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किए गए। वहीं स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।

इंटरनेट युग के विद्यार्थियों को तकनीक के संतुलित इस्तेमाल की सलाह

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी इंटरनेट और तकनीक के दौर में शिक्षा हासिल कर रही है, जबकि उनके समय में पढ़ाई चॉक, पेंसिल, पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से होती थी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज जरूरी है, लेकिन इसका इस्तेमाल मानव समाज के हित में आवश्यक सीमा तक ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करना चाहिए और इसके दुष्प्रभावों से खुद को बचाना चाहिए।

सतत विकास को बनाना होगा प्राथमिकता

राज्यपाल ने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रोप्लास्टिक आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सतत विकास को प्राथमिकता देने की अपील की।

पढ़ाई और लक्ष्य पर फोकस करें विद्यार्थी

राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को भगवद्गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं। इसके बजाय अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ज्ञान ऐसी पूंजी है, जिसे कोई उनसे छीन नहीं सकता। विद्यार्थियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर सही रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से बढ़ें आगे

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों ने जो ज्ञान और डिग्री हासिल की है, उसका इस्तेमाल मानव समाज के हित में होना चाहिए। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क की प्रचुर उपलब्धता है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब राज्य को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से सफलता की ओर बढ़ना चाहिए।

नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक इस्तेमाल कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

डॉ. वी. सतीश रेड्डी ने भी विद्यार्थियों को किया संबोधित

समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Chhattisgarh News: निर्माण श्रमिकों के भविष्य पर महामंथन, मुंबई में दो दिवसीय BOCW सम्मेलन शुरू
मिलेट से कमाई करेंगी गांव की महिलाएं, युवाओं को मिली ₹50 लाख की स्टार्टअप ग्रांट