सेवा ही संकल्प अभियान के तहत बूढ़ी माई मंदिर में विशेष सफाई अभियान चला। मंदिर परिसर और तालाब से पूजन सामग्री समेत करीब 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली मलबा हटाया गया।
रायगढ़। ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ के तहत नगर निगम प्रशासन ने बूढ़ी माई मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू, एमआईसी सदस्य, पार्षद, स्थानीय जनप्रतिनिधि, निगम के अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्र के रहवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर श्रमदान करते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की सफाई की।
अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने झाड़ू, रांपा, पंजा, तसला समेत सफाई के दूसरे उपकरणों से मंदिर परिसर, पचरी और तालाब के किनारों की सफाई की। मंदिर से लगे पचरी तालाब में लंबे समय से जमा विसर्जित नारियल, कलश, फूल-माला और अन्य पूजन सामग्री के मलबे को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। सफाई अभियान में करीब चार ट्रैक्टर-ट्रॉली मलबा हटाया गया।
बूढ़ी माई मंदिर की सफाई में जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान
विशेष स्वच्छता अभियान में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सफाई के दौरान मंदिर परिसर के साथ पचरी और तालाब के आसपास जमा कचरे को हटाया गया। तालाब में पूजन सामग्री के विसर्जन के कारण जमा हुए मलबे को निकालने के लिए मशीनों की भी मदद ली गई। इससे मंदिर परिसर और तालाब के आसपास का क्षेत्र पहले की तुलना में अधिक साफ हुआ और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ।
‘स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी’ : महापौर जीवर्धन चौहान
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि बूढ़ी माई मंदिर शहर के लोगों की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। ऐसे स्थानों को स्वच्छ रखना सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ के जरिए नगर निगम के साथ जनप्रतिनिधि और नागरिक लगातार श्रमदान कर रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है। महापौर ने श्रद्धालुओं से अपील की कि मंदिर परिसर और तालाब में पूजन सामग्री या अन्य कचरा न डालें। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करने की भी अपील की।
आस्था के साथ स्वच्छता भी जरूरी : सभापति डिग्री लाल साहू
सभापति डिग्री लाल साहू ने कहा कि धार्मिक और आस्था के प्रमुख स्थलों को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर परिसर और तालाब की सफाई से आसपास का वातावरण स्वच्छ हुआ है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी साफ वातावरण मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल स्वच्छता अभियान के दौरान ही नहीं, बल्कि इसके बाद भी मंदिर परिसर और तालाब को साफ रखने में सहयोग करें। साथ ही लोगों से स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेने की बात कही।
एमआईसी सदस्य और निगम अमला भी अभियान में शामिल
स्वच्छता अभियान में एमआईसी सदस्य पंकज कंकरवाल, अशोक यादव, पूनम सोलंकी और मुक्तिनाथ ‘बबुआ’ समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे। निगम के अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्र के रहवासियों ने भी श्रमदान किया। अभियान के अंत में नगर निगम प्रशासन ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे परिसर और तालाब में कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। निगम ने स्वच्छता को लगातार बनाए रखने के लिए सामूहिक सहभागिता को जरूरी बताया।


