
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना-2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और पूरी तरह सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया।
इसके तहत शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री Narendra Kashyap के सरकारी आवास पर स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्वयं स्वगणना कर अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
स्वगणना अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अब अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए जनगणना पोर्टल Census Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है।
सरकार की ओर से प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाएं। नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संग्रह की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि राज्य को सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें।
जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत स्वगणना प्रक्रिया 15 दिनों तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से प्रदेशभर में औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वगणना के दौरान डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा, ताकि नागरिकों की जानकारी सुरक्षित रह सके।
योगी सरकार जनगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाएगी। इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार अपने-अपने स्तर पर इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना-2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न वर्गों के लिए बेहतर योजनाएं तैयार कर सकेगी। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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