
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अटल आवासीय विद्यालय योजना ने अपनी पहली ही CBSE बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता दर्ज कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत संचालित विद्यालयों ने कक्षा 10 की परीक्षा में 93.15% का उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है।
इस वर्ष कुल 2,178 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से अधिकांश सफल घोषित हुए। यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, अनुशासन और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। साथ ही आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और शिक्षकों का समर्पण भी इस सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है।
इस परीक्षा में वाराणसी और प्रयागराज के अटल आवासीय विद्यालयों ने 100% परिणाम हासिल कर पूरे प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन का उदाहरण पेश किया। इन विद्यालयों का परिणाम यह दर्शाता है कि यदि छात्रों को सही संसाधन, मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण मिले, तो वे किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं।
व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो आजमगढ़ के संगम यादव ने 97.6% अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया।
इसके अलावा, 50 से अधिक विद्यार्थियों ने 90% से ज्यादा अंक प्राप्त किए, जबकि करीब 250 छात्रों ने 80% से 90% के बीच अंक हासिल कर विद्यालयों की गुणवत्ता को और मजबूत किया।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह योजना खासतौर पर निर्माण श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बनाई गई है। प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम के अनुसार, परीक्षा से पहले नियमित समीक्षा बैठकें की गईं। इसमें पीयर लर्निंग, मॉक टेस्ट सीरीज और सतत मूल्यांकन जैसी रणनीतियां अपनाई गईं, जिनका सकारात्मक असर परिणामों में साफ दिखाई दिया।
अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक पूजा यादव ने बताया कि विद्यालयों में अनुशासित और प्रेरणादायक वातावरण तैयार किया गया है। शिक्षकों, प्रशासन और प्रबंधन के सामूहिक प्रयासों से हर छात्र को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने का अवसर मिला, जिससे बेहतर परिणाम संभव हो सके।
पहली ही बोर्ड परीक्षा में मिली यह सफलता योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता को दर्शाती है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में उभरेंगे। यह योजना विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों, निराश्रित और वंचित परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग, खेलकूद, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव इस परीक्षा परिणाम में स्पष्ट दिखाई देता है।
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