
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने खेल और खिलाड़ियों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि स्टेडियम के पास आरक्षित 60 एकड़ जमीन पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया जाएगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri की मौजूदगी में ताल नदोर क्षेत्र में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई। यह स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्र में तैयार होगा और इसमें लगभग 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्टेडियम के साथ बनने वाला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा। यहां इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के खेलों की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हॉकी समेत कई अन्य खेलों के लिए भी विशेष व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताल नदोर क्षेत्र पहले उपेक्षित और कब्जों का शिकार था, लेकिन अब सरकार ने जमीन को मुक्त कराकर विकास कार्यों के लिए उपयोग करना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी जमीन का उपयोग युवाओं के भविष्य और जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए करना है। उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना का कार्य भी किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को माफियामुक्त, गुंडामुक्त और दंगामुक्त बनाने की दिशा में काम किया है। उनके अनुसार प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के कारण विकास और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति जनता के हित में नहीं होती। पूर्व सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले सत्ता का उपयोग परिवारवाद और अव्यवस्था फैलाने के लिए किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार जनकल्याण और रोजगार सृजन पर ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती की प्रक्रिया को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 550 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने 500 खिलाड़ियों की नई भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। सीएम ने कई खिलाड़ियों के नाम भी गिनाए जिन्हें यूपी पुलिस, नायब तहसीलदार, जिला युवा कल्याण अधिकारी और अन्य पदों पर नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा जैसी योजनाओं ने देश में नई खेल संस्कृति विकसित की है। उन्होंने कहा कि अब भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और पदक संख्या दोनों में वृद्धि हुई है। सरकार गांव से लेकर मंडल स्तर तक खेल सुविधाएं विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि मेरठ में खेल विश्वविद्यालय तैयार हो चुका है और जल्द उसका उद्घाटन होगा।
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर-वाराणसी मार्ग के बेहतर होने से यात्रा का समय काफी कम हुआ है। पहले वाराणसी पहुंचने में चार से पांच घंटे लगते थे, जबकि अब यह दूरी करीब ढाई घंटे में तय हो रही है। इसी तरह गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा भी अब पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विकास और रोजगार दोनों को गति मिली है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने में केंद्र सरकार ने बेहतर प्रबंधन किया है। उन्होंने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम द्वारा सीएसआर फंड से क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता देने पर आभार जताया।
भूमिपूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान स्टेडियम के मॉडल और निर्माण योजना का भी अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक, खेल विभाग के अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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