
हटके डेस्क: दुनिया में ग्रीनहाउस इफ़ेक्ट के कारण क्लाइमेट चेंज देखने को मिल रहा है। दुनिया में बर्फ पिघलने के कारण महासागर का जा स्तर बढ़ते जा रहा है। कहीं ज्यादा गर्मी पड़ रही है, तो कहीं ज्यादा ठंड पड़ रही है। साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। भारत की राजधानी नई दिल्ली में प्रदूषण का लेवल चिंताजनक हो चुका है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक दुनिया में कार्बन का 130% तक बढ़ोतरी हो जाएगी।
आपको बता दें कि दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषण दुनिया के कुछ और हिस्सों में भी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दुनिया के उन 5 देशों के बारे में, जहां प्रदूषण का स्तर खतरनाक लेवल तक पहुंच गया है।
चीन: दुनिया में 30 प्रतिशत प्रदूषण का लेवल चीन से होता है। ये देश दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। यहां इंडस्ट्री की ग्रोथ भी काफी ज्यादा हो रही है, जिस कारण यहां प्रदूषण का लेवल काफी ज्यादा बढ़ गया है। खासकर बीजिंग में प्रदूषण का जो लेवल वो रेड लेवल तक चला गया है।
यूनाइटेड स्टेट्स: अमेरिका को दुनिया में सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल और कमर्शियल पावर माना जाता है। इसके सबसे बड़े शहरों में प्रदूषण का लेवल अलार्मिंग रेट पर बढ़ गया है। लेकिन साथ ही यहां के ग्रामीण इलाकों में भी उतना ही ज्यादा प्रदूषण होता है। यहां से पूरी दुनिया का 15 प्रतिशत प्रदूषण निकल कर आता है।
भारत: भारत को प्रदूषण के मामले में दुनिया भर में तीसरे नंबर पर रखा गया है। यहां से विश्व का 7 प्रतिशत प्रदूषण आता है। बात अगर वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनेनाइजेशन के एक रिपोर्ट की करें, तो दुनिया के 15 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में 14 भारत के हैं। भारत में प्रदूषण का मुख्य कारण कोयला जलाने से होता है।
रूस: भारत के सबसे करीबी दोस्त रूस से दुनिया का 4 प्रतिशत प्रदूषण सामने आता है। यहां तेल, कोयला, गैस और फॉसिल फ्यूल के कारण होता है। साथ ही यहां एनिमल हंटिंग अउ जंगलों की कटाई के कारण भी प्रदूषण अलार्मिंग स्तर पर बढ़ रहा है।
जापान: यहां से प्रदूषण का 4 प्रतिशत दुनिया में जाता है। बता दें कि जापान दुनिया में सबसे ज्यादा फॉसिल फ्यूल का इस्तेमाल करता है। साथ ही ये ग्रीनहाउस इफ़ेक्ट एमिट करने में भी पांचवे नंबर पर आता है।
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