पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक कार? कौन सी रहेगी आपके लिए बेस्ट?
आजकल कार सबके लिए बहुत जरूरी चीज है। पेट्रोल, डीजल कारों के अलावा इलेक्ट्रिक कारें भारत में खूब बिक रही हैं। उनकी कीमतें भी कम हो रही हैं, जिससे ग्राहक आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में बहुत से लोगों को कंफ्यूजन होता है कि कौन सी कार खरीदें।

आमतौर पर कार खरीदते समय लोग कीमत पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन सिर्फ कीमत ही नहीं, मेंटेनेंस, ईंधन की कीमत, रिपेयरिंग जैसे कई फैक्टर कार खरीदने पर असर डालते हैं। कारों की कीमत की बात करें तो पेट्रोल कारें सस्ती होती हैं। डीजल कारें थोड़ी महंगी होती हैं। इलेक्ट्रिक कारें इन दोनों से महंगी होती हैं। लेकिन इलेक्ट्रिक गाड़ियों का मेंटेनेंस कम होता है। पेट्रोल, डीजल कारों का मेंटेनेंस ज्यादा होता है।
टाटा मोटर्स, हुंडई, महिंद्रा, वोक्सवैगन, एमजी मोटर्स जैसी कंपनियां पेट्रोल, डीजल कारों के साथ इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बना रही हैं। टोयोटा हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियां बना रही है। होंडा हाइब्रिड और पेट्रोल कारें बना रही है।
कीमत में लाखों का अंतर
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मुकाबले पेट्रोल, डीजल कारें सस्ती मिलती हैं। उदाहरण के लिए टाटा नेक्सॉन का पेट्रोल बेस मॉडल 8 लाख रुपये का है। डीजल बेस मॉडल 10 लाख रुपये का है। वहीं इलेक्ट्रिक कार 12.5 लाख रुपये की है। ये देखकर कोई भी पेट्रोल वर्जन खरीदना चाहेगा। लेकिन मेंटेनेंस का खर्च भी देखना जरूरी है।
मेंटेनेंस का खर्च कितना?
पेट्रोल, डीजल कारें सस्ती तो होती हैं, लेकिन उनका मेंटेनेंस महंगा होता है। पेट्रोल करीब 107 रुपये लीटर है। डीजल करीब 96 रुपये लीटर है। पेट्रोल कारें 17 से 21 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। डीजल कारें 20 से 25 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। इस हिसाब से पेट्रोल कार में 6 से 7 रुपये प्रति किमी खर्च आता है। डीजल कार में करीब 4 रुपये प्रति किमी खर्च आता है। इलेक्ट्रिक गाड़ी में 50 पैसे से 80 पैसे प्रति किमी खर्च आता है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मुकाबले पेट्रोल, डीजल कारों का मेंटेनेंस ज्यादा होता है। सर्विसिंग, ऑयल चेंजिंग में ज्यादा खर्च आता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ये दिक्कत नहीं होती। लेकिन अगर बैटरी में खराबी आती है तो लाखों का खर्च आ सकता है। वारंटी और इंश्योरेंस वाली गाड़ी खरीदना फायदेमंद होता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग पॉइंट कम हैं। चार्जिंग में 4-5 घंटे लगते हैं। पेट्रोल, डीजल कारों में कहीं भी तेल डलवा सकते हैं। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ये सुविधा नहीं है। इसलिए अपने बजट, मेंटेनेंस और भविष्य के बदलावों को देखते हुए पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदें।
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