आज इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) ने जीरो इमरजन वेहिकिल में बदलाव के लिए वाहन निर्माताओं की प्रगति का वार्षिक मूल्यांकन जारी किया। इसमें ईवी वाहनों के भारत में तेजी से विस्तार की बात सामने आई है।   

ऑटो। भारत में पिछले कुछ सालों में ईवी वाहनों की संख्या में तेजी से विस्तार हुआ है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आईसीसीटी) को लेकर जीरो इमरजन वाहनों में बदलाव को लेकर वेहिकल मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर एनवल रिपोर्ट जारी की है। इसमे ये बात सामने आई है कि भारत में ईवी वाहनों का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। ईवी वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग के साथ ही इसकी बिक्री भी बढ़ रही है।भारतीय कार निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने ईवी वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग और बिक्री में तेजी से विस्तार किया है। 

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ईवी वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी
ICCT ने दुनिया के 10 बड़े लाइट-ड्यूटी वाहन निर्माताओं में से 21 का एनालिसिस किया। इसमें तीन श्रेणियों में कस्टम डिजाइन किए गए। ग्लोबल चेंज के साथ तालमेल बिठाने के लिए ईवी वाहनों का ही उत्पादन करना बेहतर होगा। आईसीसीटी की ओर से किए गए विश्लेषण में बताया गया है कि 7 वाहन निर्माता कंपनियों को लेकर जो 2022 से 2023 तक का सर्वे किया गया है उसमें सभी में ईवी वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर ईवी वाहनों के मैन्यूफैक्चर में लगातार प्रगति हुई है।

डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में प्रगति
आईसीसीटी की ओर से जारी विश्लेषण रिपोर्ट में ईवी वाहनों को लेकर ट्रांसपेरेंट रिपोर्ट पेश की जा सके। ईवी वाहनों से अपनी योजनाओं और कार्यों में डीकार्बोनाईजेशन की दिशा में ये अच्छा कदम होगा। अधिकांश वैश्विक वाहन निर्माता कंपनी हैं। ईवी वाहनों की दिशा में अभी और अधिक कार्य किया जा सकता है। टेस्ला और बीवाईडी अभी भी 2023 में पैक का नेतृत्व कर रहे थे। ईवी बाजार मेच्योर होने के बाद बीवाईडी को पीएचईवी बिक्री से दूर जाने की आवश्यकता होगी।

नए लाइट ड्यूटी वाहन भी बिके
आईसीसीटी मॉडलिंग से पता चलता है कि करीब 100% नए लाइट ड्यूटी वाहनों की भी प्रमुख बाजारों में बिक्री की गई है। लक्ष्य ये रखा जा रहा है कि 2035 में शून्य टेलपाइप उत्सर्जन होना चाहिए। 

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