बाजार में दो तरह की बाइक स्टार्ट ऑप्शन की बाइक आती है। एक किक स्टार्ट बाइक और दूसरी सेल्फ बाइक स्टार्ट। दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान है। ऐसे में जानते है दोनों में से बेहतर कौन सी है। 

ऑटो डेस्क. बाइक स्टार्ट के लिए उसके इंजन को स्टार्ट करना होता है। इसके लिए दो ऑप्शन मौजूद है। पहला और पुराना तरीका ये है कि आप बाइक स्टार्ट करने के लिए किक का इस्तेमाल किया जाता है। दूसरा और आधुनिक तरीका इलेक्ट्रिक स्टार्ट या सेल्फ की मदद से बाइक स्टार्ट कर सकते है। लेकिन दोनों में आपकी बाइक के लिए कौन सा तरीका बेहतर क्या आप जानते है। अगर नहीं आइए जानते कि बाइक स्टार्ट करने का कौन सा बेहतर ऑप्शन है।

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ऐसे होती है बाइक स्टार्ट

बाइक को किक से शुरू करने के लिए बाइक के लीवर पर किक मारी जाती है, जिससे इंजन का फ्यूल मिलना शुरू हो जाता है, जिससे बाइक स्टार्ट हो जाती है। वहीं, सेल्फ स्टार्ट करने के लिए इलेक्ट्रिक करंट का इस्तेमाल किया जाता है। वायरिंग के जरिए इलेक्ट्रिक स्टार्ट से बाइक को शुरू किया जाता है।

पहले जानिेए किक स्टार्ट करने के फायदे

किक से बाइक को स्टार्ट करने पर बहुत कम मेंटेनेंस की जरूरत होती है। बारिश के दिनों किक वाली बाइक कम खराब होती है, जिससे दूसरी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। सेल्फ स्टार्ट वाली बाइक के मुकाबले किक वाली बाइक सस्ती मिलती है। इस बाइक का इंजन हल्का होने के कारण तुलनात्मक रूप से हल्की होती है।

सेल्फ स्टार्ट बाइक के फायदे

सेल्फ स्टार्ट वाली बाइक को स्टार्ट करना आसान होता है। चढ़ाई वाली रोड पर इस बाइक को आसानी से चालू किया जा सकता है। वहीं, किक वाली बाइक को स्टार्ट करना मुश्किल होता है। जरूरत के समय किक वाली बाइक सिर्फ एक स्विच में शुरू हो जाती है।

किक और सेल्फ वाली बाइक के नुकसान

किक से स्टार्ट होने वाली बाइक को शुरू करने में ज्यादा मेहनत लगती है। साथ ही किक मारते समय पैर में झटका भी लग सकता है। वहीं, सेल्फ स्टार्ट वाली बाइक को बारिश और ठंड के मौसम में बाइक स्टार्ट करना मुश्किल है। 

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