इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते समय रेंज, बैटरी, चार्जिंग और ब्रांड की विश्वसनीयता जांचें। लिथियम-आयन बैटरी की वारंटी देखें। कुल लागत का हिसाब लगाते समय सरकारी सब्सिडी और टैक्स लाभों पर भी ध्यान दें।
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह नई पीढ़ी के राइडर्स की बदलती पसंद है। आकर्षक डिजाइन, शांत राइडिंग, तुरंत मिलने वाला टॉर्क और कम रनिंग कॉस्ट, ये सब मिलकर देश में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों को और भी लोकप्रिय बना रहे हैं। अगर आप 2026 में एक इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच बातों का ध्यान ज़रूर रखें।
रेंज और बैटरी क्षमता
इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाला हर कोई सबसे पहले रेंज के बारे में ही पूछता है। भारत में बिकने वाली कई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें बैटरी के आकार और राइडिंग मोड के आधार पर एक बार चार्ज करने पर 90 से 200 किलोमीटर तक चलने का दावा करती हैं। किसी भी कंपनी के बताए गए रेंज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अपनी खुद की रिसर्च ज़रूर करें।
चार्जिंग टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों को आमतौर पर घर या ऑफिस में 15A सॉकेट का उपयोग करके चार्ज किया जा सकता है। लेकिन इसमें ज़्यादा समय लगता है। जब समय की कमी हो, तो फास्ट चार्जिंग बहुत काम आती है। इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते समय, यह पक्का कर लें कि वह फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। साथ ही, अपने इलाके में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता भी जांच लें।
बैटरी लाइफ और वारंटी
कह सकते हैं कि बैटरी ही गाड़ी की लाइफ और परफॉर्मेंस तय करती है। आजकल की ज़्यादातर इलेक्ट्रिक गाड़ियां पुराने लेड-एसिड पैक के बजाय लिथियम-आयन बैटरी पैक के साथ आती हैं। लिथियम-आयन बैटरी हल्की होती हैं और ज़्यादा एनर्जी स्टोर करती हैं। ये रोज़ाना इस्तेमाल के लिए ज़रूरी तेज़ स्पीड और बार-बार चार्जिंग के लिए ज़्यादा बेहतर होती हैं। इसके अलावा, बैटरी की वारंटी जांचना न भूलें।
ब्रांड की मौजूदगी और विश्वसनीयता
एक अच्छी डील पाने के लिए सही ब्रांड चुनना बहुत ज़रूरी है। इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते समय, एक ऐसा भरोसेमंद ब्रांड चुनें जिसका देश भर में एक मजबूत सेल्स और सर्विस नेटवर्क हो और जो बाजार में टिका हुआ हो। आप ऐसा कोई ब्रांड नहीं चाहेंगे जिसकी आफ्टर-सेल्स सर्विस खराब और अविश्वसनीय हो।
कुल खर्च का सही हिसाब
किसी भी गाड़ी की तरह, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदते समय कुल लागत का हिसाब लगाना न भूलें। सरकारी सब्सिडी और मालिकाना हक की लागत जैसे फैक्टर्स पर विचार करें। गाड़ी की लागत कम करने के लिए सरकारी सब्सिडी योजनाओं पर रिसर्च करें। साथ ही, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलने वाले कम रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फायदों पर भी ध्यान दें।
