भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) वाहन मूल्यांकन कार्यक्रम अगले साल अप्रैल तक शुरू होने की पुष्टि की गई है। यह योजना वाहनों को 1-स्टार से 5-स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग देगी।

ऑटो डेस्क. भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) भारत में प्रोडक्ट और बेची जाने वाली कारों के लिए नया कार सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम (car safety assessment programme) होगा। मूल्यांकन कार्यक्रम में दुर्घटना परीक्षण सुविधा में वाहनों के परफॉरमेंस के आधार पर उन्हें 'स्टार रेटिंग' देने के लिए एक प्रस्ताव है। आधिकारिक बयान के रूप में पुष्टि की गई, मूल्यांकन 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगा। बयान के अनुसार, भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम एम 1 श्रेणी में आने वाले सभी वाहनों के लिए लागू होगा, जिनका वजन 3.5 टन से कम है और जिनमें 9 से कम लोगों के बैठने की क्षमता है। बयान में कहा गया है कि भारत एनसीएपी रेटिंग यूजर को वाहन का मूल्यांकन करने वाले लोगों के लिए प्रदान की जाने वाली सुरक्षा के स्तर का एक संकेत प्रदान करेगी जिसमें -एडल्ट सेफ्टी, चाइल्ड सेफ्टी और सेफ्टी असिस्ट टेक्नोलॉजी शामिल है। 

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क्रैश टेस्ट के आधार पर मिलेगा स्टार रेटिंग 

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने जोर देकर कहा था कि क्रैश टेस्ट के आधार पर भारतीय कारों की स्टार रेटिंग न केवल कारों में संरचनात्मक और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल की निर्यात-योग्यता को बढ़ाने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा था कि भारत एनसीएपी के टेस्टिंग प्रोटोकॉल को मौजूदा भारतीय नियमों में फैक्टरिंग वैश्विक क्रैश-टेस्ट प्रोटोकॉल के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे ओईएम अपने वाहनों का परीक्षण भारत की इन-हाउस टेस्टिंग कर सकेंगे। उनके अनुसार, भारत एनसीएपी भारत को दुनिया में शीर्ष ऑटोमोबाइल हब बनाने के मिशन के साथ हमारे ऑटोमोबाइल उद्योग आत्मानिर्भर को बनाने में एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगा।

सड़क हादसों में मरने वालो का आकड़ा बेहद चिंताजनक 

भारत एनसीएपी निर्माताओं को सेफ्टी टेस्टिंग असिस्मेंट प्रोग्राम में स्वेच्छा से भाग लेने और नए कार मॉडलों में उच्च सुरक्षा स्तरों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। प्रस्तावित मूल्यांकन 1 से 5 स्टार तक स्टार रेटिंग आवंटित करेगा। इस पहल का उद्देश्य कैलेंडर वर्ष 2020 के दौरान देश में कुल 3,66,138 सड़क दुर्घटनाओं में स्पीड को सुरक्षित बनाना है, जिसमें 1,31,714 मौतें हुई हैं। हाल ही में, गडकरी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य 2024 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी लाना है।

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