नई रेनो डस्टर तीन खास मामलों में हुंडई क्रेटा से बीस साबित हो रही है। इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, गूगल का इन-बिल्ट सिस्टम और सस्ते वेरिएंट में भी वायरलेस कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स हैं, जो इसे क्रेटा पर बढ़त दिलाते हैं।

ई रेनो डस्टर ने इंडियन SUV मार्केट में धमाकेदार वापसी की है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.49 लाख रुपये से शुरू होती है। मिड-साइज SUV सेगमेंट में इसका सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा से है, जो पहले से ही काफी पॉपुलर है। वैसे तो दोनों SUVs अपनी-अपनी जगह खास हैं, लेकिन नई डस्टर तीन मामलों में क्रेटा पर भारी पड़ती है।

स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन

रेनो डस्टर का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ई-टेक इंजन है। यह इंजन 160 hp की पावर और 172 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। यह न सिर्फ ज्यादा पावरफुल है, बल्कि बेहतर माइलेज और स्मूथ ड्राइविंग का एक्सपीरियंस भी देता है। उम्मीद है कि यह हाइब्रिड वेरिएंट 2026 की दिवाली के आसपास लॉन्च होगा। वहीं, हुंडई क्रेटा में फिलहाल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन का ऑप्शन नहीं मिलता। इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल, टर्बो पेट्रोल और डीजल इंजन के ऑप्शन तो हैं, लेकिन वे हाइब्रिड जितनी फ्यूल एफिशिएंसी नहीं देते।

इन-बिल्ट गूगल मैप्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी

नई डस्टर में गूगल का डायरेक्ट इंटीग्रेशन है। इसका मतलब है कि गूगल मैप्स, गूगल असिस्टेंट और ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट जैसे फीचर्स सीधे कार में ही मिलते हैं। इससे ड्राइविंग काफी आसान और बेहतर हो जाती है, खासकर भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों या नए रास्तों पर। वहीं, हुंडई क्रेटा में यह फीचर नहीं है। क्रेटा में नेविगेशन के लिए एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले की जरूरत पड़ती है।

वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले

रेनो डस्टर का एक और बड़ा फायदा इसकी वायरलेस कनेक्टिविटी है। यह फीचर इसके बेस मॉडल से थोड़े ऊंचे, यानी 'एवोल्यूशन' वेरिएंट से ही मिलना शुरू हो जाता है। इसका मतलब है कि ग्राहकों को ज्यादा खर्च किए बिना वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले का मजा मिल सकता है। हुंडई क्रेटा भी यह फीचर देती है, लेकिन इसके कुछ टॉप वेरिएंट्स में यह नहीं मिलता और वायर्ड कनेक्शन की जरूरत पड़ती है।