आमतौर पर 10 साल का बच्चा खेलने-कुदने में समय बिताता है। लेकिन पटना के मसौढ़ी  से एक ऐसी घटना सामने आ रही है जहां 10 साल के बच्चे ने गोलियां चलाई। बच्चे की गोली से घायल चाचा को जबतक हॉस्पिटल पहुंचाया जाता तब तक उसकी मौत हो गई। 

पटना। आपसी विवाद में दो सहोदर भाईयों में हो रहे मारपीट में बीच-बचाव करने पहुंचे तीसरे भाई की गोली मार कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि तीसरे भाई पर गोलियां उसके 10 वर्षीय भतीजे ने चलाई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना पटना के मसौढ़ी के धनरुआ थाने की है। मिली जानकारी के अनुसार चक्रमासी गांव के खगड़ी टोले में रविवार की दोपहर दो सहोदर भाईयों में विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों की ओर से मारपीट हुई। जिसका बीच-बचाव करने पहुंचे तीसरे भाई परमा प्रसाद उर्फ दली की गोली से मौत हो गई। स्वर्गीय मोहन प्रसाद के पुत्र 50 वर्षीय परमा गांव में ही रहकर खेती से परिवार का भरण-पोषण करते थे।

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पहले बच्चे के पिता ने की थी पिटाई
जानकारी के मुताबिक परमा के बड़े भाई ललन प्रसाद और छोटे भाई सरमा प्रसाद के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो रही थी। शराब के नशे में धुत छोटे भाई सरमा प्रसाद ने बड़े भाई की लाठी से बुरी तरह से पिटाई कर दी। पिता ललन प्रसाद को बचाने आए 18 वर्षीय भतीजी सरिता कुमारी की भी सरमा प्रसाद ने पिटाई की। जिसमें सरिता का हाथ टूट गया। छोटे भाई की पिटाई से लहूलुहान पड़े बड़े भाई को बचाने के लिए बीच वाला भाई परमा प्रसाद आया। परमा ने छोटे भाई को खदेरते हुए घर तक लाया। जहां फिर से दोनों परिवारों में मार-पीट होने लगी। 

चार लोगों पर नामजद प्राथमिकी
इसी बीच सरमा का 10 वर्षीय पुत्र पिता को पिटता हुआ देखकर आक्रोशित हो गया। गुस्से में ही बच्चा घर से लोडेड पिस्टल निकाल लाया और बड़े चाचा की ओर टारगेट कर फायर क दी। लेकिन गोली बड़े चाचा ललन को छूती हुई मंझले भाई परमा प्रसाद के गले में लगी। वहीं दूसरी गोली परमा के कंधे में लगी। गोली लगने के घायल परमा को आनन-फानन में परिजन इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाने के लिए निकले। लेकिन रास्ते में ही परमा की मौत हो गई। इस घटना में बड़े भाई ललन प्रसाद के बयान पर सरमा प्रसाद, उसके नाबालिग पुत्र व पुत्री और पत्नी पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।