पटना। 22 मार्च को बिहार में कोरोना का पहला मरीज सामने आया था। शुरुआती दिनों में राज्य में ज्यादातर कोरोना के केस वैसे लोगों में मिल रहा था, जो हाल-फिलहाल में विदेश से लौटे थे। उस समय गल्फ कंट्री से लौटे लोगों से राज्य में संक्रमण फैला। बाद में टैवल हिस्ट्री और पॉजिटिव मिले मरीजों से राज्य के अन्य लोगों में कोरोना फैला। 

लेकिन लॉकडाउन में मिली ढील के बाद दूसरे राज्यों में फंसे बिहारी श्रमिकों के आने से राज्य में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आलम यह है कि दो माह और पांच दिनों में राज्य में कोरोना के मरीजों की संख्या एक से तीन हजार के पार पहुंच गई। 

राज्य में कुल मरीजों की संख्या हुई 3006 
बिहार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आज दिन के पहले अपडेट में राज्य में कोरोना के 38 नए मरीजों की पु्ष्टि हुई है। इन 38 मरीजों के साथ ही राज्य में मरीजों की कुल संख्या 3006 हो पहुंच चुकी है। अभी तक राज्य में कोरोना के कारण 14 लोगों की मौत हुई है। जबकि 800 से अधिक मरीज कोरोना को मात देकर वापस अपने-अपने घर लौट चुके हैं। आज दिन के पहले अपडेट में मिले 38 संक्रमितों में ज्यादातर प्रवासी है। जो बीते दिनों दूसरे राज्यों से वापस लौटे। इन्हें प्रखंडवार बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। 
 

 

अररिया में 14, मधेपुरा में 9 नए मरीज मिले
बुधवार को मिले 38 नए मरीजों में से 14 मरीज अररिया के रहने वाले हैं। जबकि मधेपुरा में 9 नए मरीजों की पहचान हुई है। सारण और दरभंगा जिले में चार-चार, सहरसा में तीन, बेगूसराय में दो और किशनगंज में एक मरीज की पहचान हुई है। बता दें कि राज्य की राजधानी पटना इस समय कोरोना का सबसे बड़ा सेंटर है।

जहां कोरोना के मरीजों की संख्या 217 है। इसके अलावा रोहतास में भी कोरोना के मरीजों की संख्या 201 है। दूसरी ओर अब राज्य में लॉकडाउन में काफी ढील दे दी गई है। ऐसे में लोगों में संक्रमण का खतरा और बढ़ा ही है।