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आकाशीय बिजली गिरने से पति-पत्नी सहित 83 लोगों की मौत, खेत में काम कर रहे थे सभी, 18 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने 27 से 29 जून तक इलाके में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों तक सूचना पहुंचाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और जलजमाव को देखते हुए जिला नियंत्रण कक्ष बनाया है। 

Bihar 23 people, including husband and wife, died due to lightning  all were working in the field asa
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Patna, First Published Jun 25, 2020, 2:05 PM IST
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पटना (Bihar ) ।  बिहार में बारिश के कारण मौसम खराब हो गया है। मौसम विभाग ने 18 जिलों में तेज बारिश होने का पूर्वानुमान लगाते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं, आपदा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आकाशीय बिजली गिरने से बिहार में अब तक 83 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग झुलस गए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी किसान हैं और धान रोपने के लिए निकले थे।

कहां हुई कितने लोगों की मौत


18 जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए 18 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा शामिल है। इसके अलावा कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई में भी भारी बारिश की संभावना है।

29 जून तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 27 से 29 जून तक इलाके में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों तक सूचना पहुंचाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और जलजमाव को देखते हुए जिला नियंत्रण कक्ष बनाया है। साथ ही सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को 3 दिनों तक होने वाली मूसलाधार बारिश के लिए ड्यूटी पर तैनात कर दिया है।


साल 2017 में टूटा था तटबंध
मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का तटबंध मुसहरी के रजवाड़ा में साल 2017 में टूटा था, जिसके कारण शहरी क्षेत्र के अलावा मुसहरी और मुरौल, सकरा के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था।  एक पखवारे तक बाढ़ का पानी इलाके में लोगों के घरों में रहा था जिसके कारण प्रशासन को कई जगहों पर बाढ़ के दौरान राहत शिविरों को संचालित करना पड़ा था।

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