बिहार में जुलाई 2021 से विधान परिषद की 24 सीटें खाली हैं। इनमें स्थानीय निकाय क्षेत्र से कार्यकाल पूरा करने वाले 19 विधान पार्षद हैं तो तीन विधान पार्षद चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं। दो सीटें विधान पार्षदों के निधन से खाली हो गईं हैं। 

पटना :  बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन की राह लगभग जुदा हो गई है। राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) ने अकेले दम चुनाव लड़ने के संकेत दिए तो कांग्रेस (Congress) ने भी साफ कर दिया कि वह अपने दम पर चुनाव लड़ने में पूरी तरह सक्षम है। बता दें कि राज्य में हुए उपचुनाव के दौरान भी आरजेडी ने कांग्रेस का दामन छोड़कर अकेले ही चुनाव लड़ा था। पार्टी की तरफ से अब एक बार फिर से MLC चुनाव में अकेले ही उतरने का ऐलान कर दिया गया है। जिसके बाद माना जा रहा है कि दोनों दल बंटवारे की कगार पर हैं। 

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क्या है मामला
पिछले एक हफ्ते से लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) से मुलाकात के लिए दिल्ली में डेरा जमाए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा की मुलाकात नहीं हो सकी। विदेश से लौटने के साथ ही तेजस्वी ने साफ कर दिया कि वह बिहार में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं देने जा रहे हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन केंद्र में है। बिहार में अभी ऐसा कोई चुनाव नहीं है। दो सीटों पर उपचुनाव में आरजेडी गठबंधन करने के लिए तैयार था, लेकिन कांगेस से सकारात्मक सहयोग नहीं मिला। तेजस्वी ने यह भी साफ कर दिया कि वामदलों के साथ मिलकर उन्होंने विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशी पहले ही तय कर दिए हैं। आरजेडी और वामदल अपने दम पर विधान परिषद चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस की मांग
कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने सीट शेयरिंग फॉर्मूला का सुझाव देते हुए कहा था कि महागठबंधन छोड़ चुके जेडीयू कोटे की 10 सीटें महागठबंधन के सभी घटक दल आपस में बांट लें। विधानसभा में कांग्रेस के पास 19 सीटें हैं। इस आधार पर सीट शेयरिंग के तहत कांग्रेस का 20 प्रतिशत सीटों पर दावा था, जो विधान परिषद में दो सीटें होती हैं। सीटिंग चार सीटों को जोड़ कर कांग्रेस कुल छह सीटें मांग रही थी।

विधान परिषद की 24 सीटें खाली
बता दें कि बिहार में जुलाई 2021 से विधान परिषद की 24 सीटें खाली हैं। इनमें स्थानीय निकाय क्षेत्र से कार्यकाल पूरा करने वाले 19 विधान पार्षद हैं तो तीन विधान पार्षद चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं। दो सीटें विधान पार्षदों के निधन से खाली हो गईं हैं। पिछली बार 24 सीटों पर महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और जेडीयू ने मिलकर लड़ा था। आरजेडी और जेडीयू ने 10-10 सीटों पर तो कांग्रेस ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था।

बीजेपी-जेडीयू में सीट शेयरिंग
बिहार में विधान परिषद की 24 सीटों में बीजेपी (BJP) 13 सीट और जेडीयू (JDU) 11 सीट पर चुनाव लड़ेगी। बीजेपी ने अपने कोटे से एक सीट पारस ग्रुप को दी है। जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की हम और वीआईपी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली है। जेडीयू विधान परिषद चुनाव में 50-50 फॉर्मूले मांग रही थी, लेकिन बीजेपी ने 13-11 पर उसे मना लिया है।

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