बिहार में बीजेपी और नीतीश कुमार की पार्टी के बीच गठबंधन टूट चुका है। राजद, कांग्रेस समेत सात पार्टियों के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने महागठबंधन बनाने का फैसला किया है। नीतीश कुमार व तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सभी सातों दलों के नेताओं ने गवर्नर से मुलाकात कर अपना समर्थन पत्र सौंप सरकार बनाने का दावा पेश किया है।

पटना। बिहार में बीजेपी-जदयू गठबंधन टूटने के बाद सात दलों के साथ महागठबंधन में आए नीतिश कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए पर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए यह गठबंधन हुआ है। बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां आकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकतंत्र को खत्म करने का अपना एजेंडा जाहिर कर दिया था। भाजपा अपने सभी सहयोगियों के साथ विश्वासघात करती है और दूसरों को धमकाती है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पत्रकारों के पूछने पर तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर नीतीश कुमार को पीएम पद का विपक्ष का चेहरा तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि देश के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्री और मजबूत नेता नीतीश कुमार हैं। राजद नेता ने कहा कि हिंदी भाषी क्षेत्र में भाजपा का कोई गठबंधन सहयोगी नहीं है। “इतिहास बताता है कि भाजपा उन पार्टियों को नष्ट कर देती है जिनके साथ वह गठबंधन करती है। हमने देखा कि पंजाब और महाराष्ट्र में ऐसा हो रहा है।

164 विधायक अब मिलकर चलाएंगे सरकार

राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, 'मैं यहां राज्यपाल से मिलने आया था और अपना इस्तीफा दे दिया था। महागठबंधन में निर्दलीय समेत 164 विधायकों समेत सात दल हैं।' बिहार के विकास के लिए अब सात दल एक साथ आए हैं। राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सात दलों व एक निर्दलीय का महागठबंधन मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि छह साल में दूसरी बार भाजपा से अलग होने का फैसला आज सुबह उनकी पार्टी के विधायकों के साथ बातचीत में मिली प्रतिक्रिया पर आधारित था। हम चुपचाप एनडीए के साथ थे लेकिन वह खत्म करने की साजिश रच रहे थे। 

जदयू का निर्णय है एनडीए हम छोड़ दें: नीतीश कुमार

मंगलवार को जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) सुप्रीमो ने एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शाम को तेजस्वी यादव के साथ फिर राजभवन जाकर राज्यपाल को 160 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने कहा कि राजग छोड़ने का फैसला जद (यू) ले रहा है। सभी सांसद और विधायक इस बात पर सहमत हुए कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए। इसके तुरंत बाद, मैंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

राज्यपाल से मिलने के पहले नीतीश कुमार को चुना गया नेता

इससे पहले, नीतीश कुमार को बिहार में नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 'महागठबंधन' का नेता चुना गया था। नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से अपने आवास पर कहा कि 2017 में जो कुछ भी हुआ उसे भूलकर एक नया अध्याय शुरू करें।

यह भी पढ़ें:

जेपी के चेलों की फिर एकसाथ आने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है, यूं ही नीतीश-लालू की पार्टी की नहीं बढ़ी नजदीकियां

बिहार में नीतीश कुमार व बीजेपी में सबकुछ खत्म? 10 फैक्ट्स क्यों जेडीयू ने एनडीए को छोड़ने का बनाया मन

क्या नीतीश कुमार की JDU छोड़ेगी NDA का साथ? या महाराष्ट्र जैसे हालत की आशंका से बुलाई मीटिंग

NDA में दरार! बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू ने किया ऐलान-मोदी कैबिनेट का हिस्सा नहीं होंगे

RCP Singh quit JDU: 9 साल में 58 प्लॉट्स रजिस्ट्री, 800 कट्ठा जमीन लिया बैनामा, पार्टी ने पूछा कहां से आया धन?